Guru Nanak Stadium में 69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों का भव्य उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने की। स्टेडियम में उत्साह और ऊर्जा साफ़ दिखाई दी। खिलाड़ी पूरे जोश में नज़र आए। अलग-अलग राज्यों की टीमें एक साथ दिखीं। खेलों की भव्यता ने शहर को नई पहचान दी। यह दृश्य लुधियाना के लिए यादगार बन गया।
कितने खिलाड़ी और कोच आए?
इस बड़े खेल आयोजन में करीब 1,000 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही 350 से अधिक कोच टीमों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। खिलाड़ी देश के हर कोने से पहुंचे हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से भी भागीदारी है। पूर्वोत्तर राज्यों के बच्चे भी शामिल हुए हैं। केंद्रीय विद्यालय और नवोदय स्कूलों की टीमों ने रंग जमाया। यह भागीदारी खेलों की राष्ट्रीय महत्ता दिखाती है।
किन खेलों के मुकाबले हो रहे हैं?
इन खेलों में जूडो अंडर-14 के मुकाबले कराए जा रहे हैं। ताइक्वांडो अंडर-14 भी खास आकर्षण है। गटका अंडर-19 के मुकाबले भी शामिल हैं। लड़के और लड़कियां दोनों भाग ले रहे हैं। मुकाबले अलग-अलग स्थानों पर आयोजित हो रहे हैं। हर मैच में जबरदस्त जोश दिख रहा है। दर्शक भी खेलों का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
व्यवस्थाएं कितनी सुव्यवस्थित हैं?
जिला प्रशासन ने खिलाड़ियों के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं। रहने की पूरी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। भोजन की गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया गया है। परिवहन के लिए अलग-अलग वाहन लगाए गए हैं। ठंडे मौसम के बावजूद खिलाड़ी सहज महसूस कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए पीसीआर टीमें तैनात हैं। मैदानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
सरकार खेल ढांचे के लिए क्या कर रही है?
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में खेल ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्यभर में 3,100 खेल मैदान बनाए जा रहे हैं। गांवों और शहरों दोनों में काम जारी है। उद्देश्य हर गांव को खेलों से जोड़ना है। युवाओं को बेहतर अवसर मिलें। खेलों से स्वस्थ जीवनशैली विकसित हो। यह प्रयास लंबे समय में लाभकारी साबित होंगे।
खिलाड़ियों के लिए खेल नीति कैसे मददगार?
पंजाब सरकार ने खिलाड़ियों के लिए विशेष खेल नीति बनाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए चयन पर पहले ही सहायता दी जाती है। एशियाई और ओलंपिक खेलों के लिए चुने गए खिलाड़ी लाभ पाते हैं। कई राज्य पदक के बाद सम्मान देते हैं। पंजाब पहले से ही समर्थन देता है। इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है। प्रदर्शन में सुधार साफ़ दिखाई दे रहा है।
पंजाब खेलों में आगे क्यों बढ़ रहा है?
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब फिर से खेलों में अग्रणी राज्य बन रहा है। भारतीय हॉकी और क्रिकेट टीमों में पंजाबियों की मज़बूत मौजूदगी है। कप्तानी तक पंजाबी खिलाड़ी पहुंच रहे हैं। यह राज्य के लिए गर्व की बात है। युवा खिलाड़ी प्रेरित हो रहे हैं। खेलों से पंजाब की पहचान और मजबूत हो रही है। यह सफ़र आगे भी जारी रहेगा।

























