चंडीगढ़ में बोलते हुए पंजाब विधानसभा स्पीकर Kultar Singh Sandhwan ने कहा कि 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में SGPC काबिज़ गुट की चुप्पी साधारण नहीं है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर गुनाह की गवाही करार दिया। संधवा के मुताबिक SGPC खुद मानती है कि ईश्वर सिंह कमेटी और अंतरिम कमेटी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बावजूद आज तक उन सिफारिशों पर अमल नहीं हुआ।
क्या फाइलें जानबूझकर दबाई गईं?
संधवा ने सवाल उठाया कि जब जांच कमेटियों ने दोषियों को चिन्हित कर दिया था, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या दोषियों को बचाने के लिए फाइलें जानबूझकर दबाई गईं। उन्होंने कहा कि यह चुप्पी केवल लापरवाही नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति लगती है। ऐसे गंभीर मामले में चुप रहना खुद कई सवाल खड़े करता है।
क्या दोषी अपने ही गुट के थे?
स्पीकर ने सीधा सवाल किया कि क्या दोषी इतने ताकतवर थे या फिर अपने ही गुट से जुड़े थे, इसलिए उन्हें सजा नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि पंथक मर्यादा को किनारे रखकर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी गई। सिख कौम की भावनाओं के साथ किया गया यह खिलवाड़ किसी भी सूरत में माफ़ नहीं किया जा सकता।
संगत से सच क्यों छिपाया गया?
संधवा ने कहा कि अगर जांच रिपोर्टें सही थीं, तो संगत को सच क्यों नहीं बताया गया। जानबूझकर सच्चाई छिपाना सबसे बड़ा अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चुप्पी दोषियों की पीठ थपथपाने के बराबर है। Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee जैसी संस्था से यह उम्मीद नहीं थी कि वह इतने संवेदनशील मुद्दे पर खामोश रहेगी।
रिपोर्ट गलत थी तो सच्चाई सामने क्यों नहीं आई?
उन्होंने कहा कि यदि जांच कमेटियों की रिपोर्ट गलत थीं, तो आज तक असली सच्चाई सामने क्यों नहीं लाई गई। यह दोहरी नीति सिख संस्थाओं की विश्वसनीयता को गहरी चोट पहुंचाती है। सिख समाज को अंधेरे में रखना किसी भी हाल में जायज़ नहीं ठहराया जा सकता।
इंसाफ़ रोकने वाले हाथ कौन थे?
संधवा ने कहा कि आज सिख समाज को यह जानने का पूरा हक है कि इंसाफ़ के रास्ते में रुकावट कौन बना। सवाल केवल रिपोर्ट लिखने वालों का नहीं, बल्कि उन लोगों का भी है जिन्होंने कार्रवाई रोकी। उनके नाम सार्वजनिक होने ही चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। स्पीकर ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पवित्र स्वरूपों की बेअदबी और लापरवाही पर चुप रहने वाले कभी नहीं बचेंगे। दोषियों को पनाह देने वाले इतिहास के कठघरे में हमेशा गुनहगार माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि सिख कौम न तो यह सब भूलेगी और न ही कभी माफ़ करेगी।

























