एसआईटी की टीम अमृतसर और चंडीगढ़ स्थित एसजीपीसी दफ्तरों में पहुंची है।उन्होंने 328 पावन सरूप मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांगे हैं।अधिकारियों ने फाइलों की जांच शुरू कर दी है।हर दस्तावेज को ध्यान से देखा जा रहा है।एसआईटी ने कहा है कि सच्चाई तक पहुंचना उनकी प्राथमिकता है।कोई भी कागज छोड़ा नहीं जाएगा।जांच पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी।
क्या पहले भी छापेमारी हो चुकी है?
इससे पहले एसआईटी ने लुधियाना के टैगोर नगर में छापा मारा था।वहां सीए अश्वनी कुमार के दफ्तर की जांच की गई थी।पुलिस ने लैपटॉप और डीवीआर जब्त किए थे।इन उपकरणों को जांच के लिए अहम माना जा रहा है।इनसे कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।एसआईटी सभी डेटा की बारीकी से जांच कर रही है।मामला और गहराता जा रहा है।
क्या एसजीपीसी ने सहयोग का भरोसा दिया है?
एसजीपीसी ने एसआईटी को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है।कमेेटी ने कहा है कि जितने भी रिकॉर्ड मांगे गए हैं वे उपलब्ध कराए जाएंगे।अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।हर सवाल का जवाब देने की कोशिश हो रही है।एसआईटी ने कहा है कि सहयोग से जांच तेज होगी।इससे सच सामने लाना आसान बनेगा।सारी प्रक्रिया साफ तरीके से चलेगी।
क्या यह मामला सिख संगत से जुड़ा है?
328 पावन सरूपों का मामला सिख संगत की भावनाओं से गहराई से जुड़ा है।इसी वजह से पूरे राज्य में चिंता है।लोग सच्चाई जानना चाहते हैं।हर कोई न्याय की उम्मीद कर रहा है।सरकार ने इसी कारण एसआईटी बनाई है।जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है।कोई बात छिपाई नहीं जाएगी।
क्या अकाल तख्त ने जांच के आदेश दिए हैं?
अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने जांच में सहयोग के आदेश दिए हैं।इसके बाद एसजीपीसी ने पुलिस को पूरा साथ देने का भरोसा दिया है।कमेटी के मुख्य सचिव ने यह बात साफ कही है।उन्होंने कहा कि तख्त के आदेश सर्वोपरि हैं।उनका पालन किया जाएगा।इससे जांच निष्पक्ष बनी रहेगी।संगत का भरोसा कायम रहेगा।
क्या जांच अब और तेज होगी?
एसआईटी के दफ्तरों में पहुंचने से जांच को नई रफ्तार मिली है।अब हर रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।पुरानी फाइलों की भी जांच हो रही है।अधिकारी हर पहलू समझने की कोशिश कर रहे हैं।इससे मामला और साफ हो सकता है।जांच अब तेजी से आगे बढ़ेगी।सच जल्द सामने आ सकता है।
क्या सिख संगत को न्याय मिल पाएगा?
सिख संगत को इस मामले से बड़ी उम्मीद है।लोग चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले।एसआईटी को पूरे अधिकार दिए गए हैं।सरकार भी इस पर नजर रखे हुए है।अगर जांच सही दिशा में चली तो नतीजा निकलेगा।संगत का भरोसा लौट सकता है।यह मामला ऐतिहासिक बन सकता है।























