दिल्ली में यात्रियों को सस्ते किराए का लालच देकर लूटने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है जहां निजी बस को चलती लूट मशीन की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था।
लूट का तरीका इतना खतरनाक क्यों था?
बस आनंद विहार इलाके में खड़ी होती थी।सस्ते किराए का लालच देकर यात्रियों को बुलाया जाता था।भीड़ और जल्दबाजी का फायदा उठाया जाता था।यात्री बिना ज्यादा सवाल किए बस में चढ़ जाते थे।अंदर बैठते ही दरवाजे बंद कर दिए जाते थे।बस बाहर से बिल्कुल सामान्य दिखाई देती थी।इसी वजह से किसी को शक नहीं होता था।
रास्ते में क्या होता था?
बस जैसे ही सुनसान रास्तों की ओर मुड़ती थी।आरोपियों का व्यवहार अचानक बदल जाता था।यात्रियों को डराया और धमकाया जाता था।विरोध करने पर मारपीट की जाती थी।मोबाइल और नकदी छीन ली जाती थी।कई बार पहचान पत्र भी ले लिए जाते थे।लूट के बाद पीड़ितों को दूर उतार दिया जाता था।
रात और सुबह का समय क्यों चुना गया?
इस समय पुलिस की गश्त काफी कम रहती है।सड़कों पर आवाजाही बहुत कम होती है।अंधेरे में पहचान करना मुश्किल हो जाता है।यात्री थके हुए और जल्दबाजी में रहते हैं।मदद की आवाज सुनने वाला कोई नहीं होता।सीसीटीवी निगरानी कई इलाकों में कमजोर रहती है।गिरोह ने इसी हालात का पूरा फायदा उठाया।
पुलिस तक मामला कैसे पहुंचा?
कई यात्रियों ने एक जैसी शिकायत दर्ज कराई।सभी ने सस्ते किराए का तरीका बताया।पुलिस को वारदात का पैटर्न समझ आने लगा।आनंद विहार इलाके में निगरानी बढ़ाई गई।संदिग्ध बस की पहचान की गई।तकनीकी और मुखबिरों की मदद ली गई।जाल बिछाकर बस को पकड़ लिया गया।
गिरोह में कौन शामिल था?
तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए।एक आरोपी बस चलाता था।वही पूरे प्लान का मास्टरमाइंड था।बाकी दो यात्री बनकर बस में रहते थे।लूट के समय वही डराने का काम करते थे।सभी की भूमिका पहले से तय रहती थी।हर दिन यही तरीका अपनाया जाता था।
लूट की रकम का क्या होता था?
बस को निजी तौर पर किराए पर लिया गया था।लूट की रकम से रोज का खर्च निकाला जाता था।पेट्रोल और बस किराया उसी पैसे से दिया जाता था।बाकी रकम आपस में बांट ली जाती थी।रोजाना हजारों रुपये की कमाई होती थी।कोई वैध आमदनी का जरिया नहीं था।लूट ही पूरी कमाई का साधन बनी हुई थी।
आगे की कार्रवाई क्या होगी?
पुलिस आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है।पुराने मामलों से कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं।अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है।बस मालिक की भूमिका भी जांच में है।गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।सबूतों को मजबूत किया जा रहा है।मामले को जल्द अदालत में पेश किया जाएगा।

























