अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा और देशभर की 554 बैंक शाखाओं में यह प्रक्रिया चलेगी और पंजीकरण पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा और हर दिन का एक तय कोटा रखा गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और दोनों मार्गों के लिए अलग अलग संख्या तय की गई है
क्या आधार सत्यापन हुआ अनिवार्य?
इस बार यात्रा को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी कर दिया गया है और बिना इसके कोई भी रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं होगा और यात्रा परमिट ऑनलाइन जारी किए जाएंगे जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और हर यात्री की पहचान साफ तौर पर दर्ज हो सके
क्या उम्र सीमा भी तय की गई है?
श्राइन बोर्ड ने साफ कर दिया है कि सिर्फ 13 से 70 साल तक के लोग ही इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं और छह हफ्ते से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी और यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है
क्या आरएफआईडी कार्ड जरूरी होगा?
हर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले यात्री को यात्रा से पहले आरएफआईडी कार्ड लेना जरूरी होगा और यह कार्ड जम्मू कश्मीर में तय केंद्रों से मिलेगा और यात्रा के दौरान इसे गले में पहनना होगा ताकि सुरक्षा एजेंसियां हर समय यात्रियों की निगरानी कर सकें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके
क्या मौसम को लेकर भी चेतावनी दी गई है?
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ गर्म कपड़े जरूर रखें क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान अचानक पांच डिग्री से नीचे जा सकता है और बारिश का खतरा भी बना रहता है इसलिए रेनकोट और वाटरप्रूफ जूते साथ रखना जरूरी बताया गया है
क्या स्वास्थ्य और सुरक्षा के निर्देश सख्त हैं?
यात्रियों को यह भी कहा गया है कि वे अपने पहचान पत्र और परमिट हमेशा साथ रखें और किसी भी आपात स्थिति के लिए जरूरी नंबर अपने पास रखें और ऊंचाई से जुड़ी बीमारी को नजरअंदाज न करें और शराब और धूम्रपान से दूर रहें और किसी भी खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल न करें
क्या पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर है?
इस बार यात्रा में पर्यावरण को बचाने पर खास ध्यान दिया गया है और प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और यात्रियों से अपील की गई है कि वे सफाई बनाए रखें और प्राकृतिक संतुलन को नुकसान न पहुंचाएं ताकि यह पवित्र स्थान सुरक्षित रह सके






















