नई दिल्ली: भारत पाकिस्तान के अलावा किसी से बात नहीं करेगा.पहलगांव हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि निलंबित कर दी है.सार्क के तहत वीजा प्राप्त करने वाले पाकिस्तानियों को भी निर्वासित करने का आदेश दिया गया है.इस बार केंद्र ने एक और सख्त कदम उठाया है.गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला. राज्य की ओर से पाकिस्तानियों को बाहर निकालने के आदेश भी आये.
गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: पाकिस्तानी वीज़ा रद्द
गृह मंत्रालय ने इस दिन पाकिस्तानियों के लिए सभी वीज़ा रद्द करने का आदेश दिया है.सभी पाकिस्तानियों को दो दिन के भीतर यानी 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने को कहा गया है.इस दिन गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की.वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी राज्यों से सहयोग करने को कहा गया है.उस बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने राज्यों से पाकिस्तानी निवासियों को यथाशीघ्र वापस भेजें.
पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और वापसी का निर्देश
इसमें कहा गया है कि राज्य में पाकिस्तानियों की संख्या का शीघ्र पता लगाया जाना चाहिए और उन्हें तत्काल पाकिस्तान वापस भेजा जाना चाहिए.पश्चिम बंगाल, पंजाब और राजस्थान से विशेष अनुरोध किया गया है .उन्होंने यह पता लगा लिया है कि उनके राज्य में कितने पाकिस्तानी हैं और उनसे सभी पाकिस्तानियों को वापस भेजने को कहा है.
पहलगाम हमले के बाद भारत की सख्त चेतावनी
संयोगवश, 22 अप्रैल को पहलगांव के बैसरन में आतंकवादी हमला हुआ.26 पर्यटकों को चुन-चुन कर इसलिए मार दिया गया क्योंकि वे हिंदू थे.भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया.विदेश सचिव विक्रम मिश्री पहले ही अमेरिका, इटली, फ्रांस, जर्मनी, रूस और चीन के विदेशी राजनयिकों को पाकिस्तान की संलिप्तता के सबूत दिखा चुके हैं.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी चेतावनी दी, “प्रत्येक आतंकवादी की पहचान की जाएगी और उसे दंडित किया जाएगा.इसके पीछे जो लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.”























