अदालत के फैसले के बाद पंजाब में आप समर्थकों में खुशी देखी गई। चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी। केजरीवाल और अन्य नेताओं को राहत बड़ी खबर मानी गई। सोशल मीडिया पर भी समर्थन के संदेश आए। पार्टी कार्यालय में लगातार जश्न चलता रहा। माहौल पूरी तरह उत्साह भरा नजर आया।
क्या कार्यकर्ताओं के जश्न ने बनाया त्योहार जैसा माहौल?
कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर भंगड़ा किया। मिठाइयां बांटकर खुशी साझा की गई। कई घंटों तक कार्यालय में जश्न जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने इसे खास पल बताया। हर तरफ नारेबाजी सुनाई दी। जश्न ने त्योहार जैसा माहौल बना दिया। कार्यकर्ताओं की खुशी साफ दिखाई दी।
क्या वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह?
पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी कार्यालय पहुंचे। हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और हरजोत बैंस मौजूद रहे। सभी ने कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाया। नेताओं ने इसे सच्चाई की जीत बताया। कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उत्साह बढ़ाया गया। नेताओं ने भविष्य के लिए भरोसा जताया। कार्यालय में एकता का माहौल दिखा।
नेताओं के बयान में क्या संदेश सामने आया?
नेताओं ने कहा फैसला न्यायपालिका पर भरोसा मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि लगाए गए आरोप गलत साबित हुए। यह फैसला सच्चाई की जीत है। पार्टी अब जनकल्याण के कामों पर ज्यादा ध्यान देगी। शिक्षा और स्वास्थ्य प्राथमिकता रहेंगे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। इसे नई शुरुआत बताया गया।
क्या कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतंत्र की जीत माना?
कार्यकर्ताओं ने कहा यह सिर्फ पार्टी नहीं लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने कहा सच्चाई आखिर सामने आती है। कई कार्यकर्ता भावुक नजर आए। उन्होंने बताया मुश्किल समय के बाद राहत मिली है। कार्यकर्ताओं ने नेताओं पर भरोसा जताया। जश्न में सभी ने हिस्सा लिया। भविष्य के लिए नए संकल्प किए गए।
क्या फैसले का राजनीतिक असर भी दिखेगा?
यह मामला दिल्ली शराब नीति से जुड़ा था। जांच एजेंसी द्वारा जांच की गई थी। अदालत ने कहा पर्याप्त सबूत नहीं मिले। इसलिए आरोपियों को राहत दी गई। पंजाब में आप की सरकार होने से फैसला अहम माना गया। राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। विश्लेषक इसके असर पर नजर रख रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता इसे नई शुरुआत मान रहे हैं। नेताओं ने आगे बढ़ने का संदेश दिया। जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान बढ़ाने की बात कही गई। कार्यकर्ताओं ने एकता बनाए रखने का संकल्प लिया। चंडीगढ़ में जश्न लंबे समय तक चलता रहा। समर्थकों में उत्साह बना हुआ है। अब सबकी नजर आगे की राजनीति पर है।
























