मोगा के मैदान में भीड़ बड़ी थी। लोग चुपचाप सुन रहे थे। केजरीवाल ने सीधे आरोप लगाए। कहा पंजाब की युवा पीढ़ी नशे में फंस गई थी। अकाली, भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा उस समय तस्कर बेखौफ थे। परिवार टूट रहे थे और सरकारें खामोश थीं। लोगों को याद रखना होगा किस दौर में क्या हुआ।
क्या सच में अब जंग शुरू हो चुकी है?
केजरीवाल ने कहा अब सिर्फ भाषण नहीं होगा। 1 मार्च से अभियान शुरू किया गया। नाम दिया गया युद्ध नशियां विरुद्ध। उन्होंने कहा एक साल में दो हजार किलो से ज्यादा नशा पकड़ा गया। कई बड़े तस्कर जेल भेजे गए। अवैध मकान गिराए गए। साफ संदेश दिया गया कि अब ढील नहीं मिलेगी।
क्या लोगों का डर अब कम हो रहा है?
उन्होंने कहा पहले कोई सामने नहीं आता था। लोगों को डर था कि तस्कर बदला लेंगे। अब हालात बदल रहे हैं। गांव-गांव में कमेटियां बनाई जा रही हैं। सम्मानित लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। मोबाइल ऐप शुरू किया गया है। सूचना सीधे ऊपर तक जाती है। लोगों में भरोसा बढ़ा है।
क्या इलाज को भी गंभीरता से लिया गया?
भगवंत मान ने कहा सिर्फ गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा। जो युवा फंस चुके हैं उन्हें बचाना भी जरूरी है। नशा मुक्ति केंद्र मजबूत किए गए हैं। दवाइयां और काउंसलर उपलब्ध कराए गए हैं। माता-पिता को भी जागरूक किया जा रहा है। नई पीढ़ी को बचाना असली लक्ष्य है। यह लंबी लड़ाई है।
क्या रोजगार से बदलेगी दिशा?
मान ने कहा बेरोजगारी भी बड़ी वजह रही है। सरकार ने हजारों नौकरियां दी हैं। बिना सिफारिश और बिना रिश्वत के भर्ती हुई है। आगे भी अवसर बढ़ाए जाएंगे। गांवों में खेल मैदान बनाए जाएंगे। युवा खेलों से जुड़ेंगे तो नशे से दूर रहेंगे। माहौल बदलना जरूरी है।
क्या राजनीति का भी हिसाब होगा?
केजरीवाल ने कहा जनता को सोचना होगा। कौन साथ खड़ा था और कौन चुप था। यह सिर्फ चुनाव की बात नहीं है। यह घर-घर की चिंता है। अगर लोग फिर पुरानी राह चुनेंगे तो मुश्किल लौट सकती है। फैसला जनता के हाथ में है।
क्या सच में बदलेगा पंजाब?
कार्यक्रम के अंत में शपथ दिलाई गई। नशा मुक्त पंजाब का नारा लगा। मान ने कहा सरकार पीछे नहीं हटेगी। जनता का साथ जरूरी है। गांव-गांव जागरूकता बढ़ाई जाएगी। नशे को जगह नहीं दी जाएगी। मिलकर काम करेंगे तो बदलाव जरूर आएगा।
























