व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक अमेरिका ने बांग्लादेश से होने वाले आयात पर शुल्क को 37 प्रतिशत से घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही कुछ चुनिंदा बांग्लादेशी वस्त्र और परिधान उत्पादों को अमेरिकी बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश मिलेगा। इस फैसले को दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे बांग्लादेश के निर्यात को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। खासकर रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को सीधा लाभ होगा। अमेरिका ने इसे संतुलित और पारस्परिक समझौता बताया है।
बांग्लादेश अमेरिका के लिए बाजार क्यों खोल रहा है?
इस समझौते के तहत बांग्लादेश अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों के लिए अपना बाजार खोलेगा। इसमें केमिकल, मेडिकल उपकरण, मशीनरी, मोटर पार्ट्स, डेयरी उत्पाद, पोल्ट्री, फल और सूखे मेवे शामिल हैं। इसके अलावा बांग्लादेश अमेरिका से कार, मोटरसाइकिल, उनके पुर्जे और विमान भी खरीदेगा। इससे अमेरिकी कंपनियों को नया बाजार मिलेगा। बांग्लादेश को आधुनिक तकनीक और उत्पाद मिलेंगे। दोनों देशों को व्यापारिक संतुलन का फायदा होगा।
टैरिफ में कितनी कटौती की गई है?
अप्रैल 2025 में जारी कार्यकारी आदेश के तहत अमेरिका ने पहले 37 प्रतिशत शुल्क तय किया था। बाद में इसे घटाकर 20 प्रतिशत किया गया और अब 19 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा एक अलग सूची के तहत कुछ उत्पादों पर शून्य प्रतिशत शुल्क लागू किया गया है। यह छूट खास शर्तों के साथ दी गई है। अमेरिका का कहना है कि यह कदम निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देगा। बांग्लादेश के लिए यह आर्थिक रूप से बड़ी राहत मानी जा रही है।
गारमेंट सेक्टर को खास फायदा कैसे मिलेगा?
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार Muhammad Yunus ने कहा कि अमेरिका एक ऐसा तंत्र बनाएगा, जिसके तहत अमेरिकी कपास और सिंथेटिक फाइबर से बने चुनिंदा बांग्लादेशी वस्त्रों को शून्य शुल्क पर अमेरिकी बाजार में जगह मिलेगी। यह छूट अमेरिका से आयात किए जाने वाले कच्चे माल की मात्रा से जुड़ी होगी। इससे बांग्लादेश के आरएमजी सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। गारमेंट उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। लाखों लोगों को इससे रोजगार मिलता है।
कौन-कौन से बड़े वाणिज्यिक सौदे हुए हैं?
समझौते में कई बड़े सौदों का जिक्र है। बांग्लादेश ने अमेरिकी कंपनी Boeing से 25 विमान खरीदने पर सहमति जताई है। इनकी अनुमानित कीमत 2.46 से 2.87 अरब डॉलर बताई जा रही है। इसके अलावा करीब 3.5 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पाद, जैसे गेहूं, सोया, कपास और मक्का आयात किए जाएंगे। अगले 15 वर्षों में 15 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद खरीदने का लक्ष्य भी रखा गया है।
बांग्लादेश की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई?
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेष दूत लुत्फे सिद्दीकी ने इस समझौते की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पहले जहां 37 प्रतिशत शुल्क था, अब वह घटकर 19 प्रतिशत रह गया है। साथ ही कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त छूट भी मिली है। उन्होंने बताया कि यह कई महीनों की बातचीत और टीम वर्क का नतीजा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील से बांग्लादेश का गारमेंट निर्यात बढ़ेगा। हालांकि, अमेरिकी कच्चे माल पर निर्भरता भी बढ़ सकती है।























