पंजाब न्यूज. पंजाब की राजनीति में इन दिनों “कोठी नंबर-50” चर्चा में है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकारी पैसों से आलीशान बंगला बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस कोठी को लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। लेकिन अब खुद मुख्यमंत्री ने सामने आकर सच्चाई बताई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठ फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहा है, जबकि यह कोठी कोई नई नहीं बल्कि सरकारी रिहायश है, जहां पहले भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
सीएम ने क्यों दी तीखी प्रतिक्रिया?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को कहा कि झूठ और प्रोपेगेंडा भाजपा की पुरानी आदत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी को शीशमहल देखना है तो कॅप्टन अमरिंदर सिंह और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिटलू के महल देखे जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में नफरत की राजनीति कर रही है, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है। यह वही कोठी है जहां पहले भी मुख्यमंत्री रहते आए हैं, इसलिए इसमें कोई नया खर्च नहीं किया गया।
विरोधियों पर मान का पलटवार क्यों?
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नेता सिर्फ अफवाह फैलाने में लगे हैं ताकि जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाया जा सके। उन्होंने कहा कि वे खुद सादा जीवन जीते हैं और जनता के पैसे का सही उपयोग करते हैं। भगवंत मान ने यह भी जोड़ा कि जिन लोगों के घर शीशे के बने हों, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। उन्होंने भाजपा नेताओं को याद दिलाया कि पंजाब की जनता अब सोशल मीडिया की राजनीति से प्रभावित नहीं होती।
अरूसा आलम का मुद्दा क्यों आया?
अपने बयान में भगवंत मान ने कॅप्टन अमरिंदर सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, वे पहले अपने अतीत को देखें। उन्होंने अरूसा आलम के मुद्दे पर भी कटाक्ष किया और कहा कि पंजाब की राजनीति को व्यक्तिगत रिश्तों से जोड़ना शर्मनाक है। मान ने कहा कि जो लोग खुद विदेशियों के साथ संबंधों को लेकर चर्चा में रहे हैं, वे दूसरों पर ऊँगली उठाने की हिम्मत कैसे कर सकते हैं।
विपक्षी दलों की क्या रणनीति है?
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा राज्य में मुद्दों की कमी से जूझ रही है। इसलिए वह छोटी-छोटी बातों को विवाद बनाकर जनता का ध्यान खींचने की कोशिश कर रही है। भाजपा का मकसद पंजाब में आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता को तोड़ना है। वहीं, सीएम मान ने साफ कहा कि वे किसी भी झूठे आरोप से डरने वाले नहीं हैं और जनता को सच्चाई बताने के लिए हर मंच पर जाएंगे।
जनता ने कैसी प्रतिक्रिया दी?
सोशल मीडिया पर सीएम भगवंत मान का बयान तेजी से वायरल हो गया। समर्थकों ने कहा कि विपक्ष सिर्फ बदनाम करने में लगा है जबकि सरकार विकास पर काम कर रही है। कई लोगों ने लिखा कि सीएम मान का जवाब ठोस और सटीक था। पंजाब की आम जनता भी अब इस विवाद को राजनीतिक नाटक मान रही है। जनता चाहती है कि राज्य में काम बोले, न कि बयानबाजी।
आगे क्या होगा इस विवाद का?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोठी नंबर-50 को लेकर किए जा रहे सभी दावे झूठे हैं। सीएम ऑफिस ने भी दस्तावेज़ जारी कर बताया है कि यह वही सरकारी आवास है जो पहले भी मुख्यमंत्रियों को आवंटित रहा है। अब देखना यह है कि भाजपा इस मुद्दे को आगे बढ़ाती है या चुप्पी साधती है। राजनीतिक पंडित मानते हैं कि यह विवाद ज्यादा दिन टिकेगा नहीं क्योंकि जनता का ध्यान अब असली मुद्दों पर है—रोजगार, शिक्षा और किसानों की भलाई।

























