नई दिल्ली. दिल्ली से आम आदमी पार्टी (आप) के सफाए के कुछ दिनों बाद अरविंद केजरीवाल मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के आप विधायकों से मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में हाल ही में संपन्न हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव पर भी चर्चा होगी। दिल्ली चुनाव में आप की पंजाब इकाई ने अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, दिल्ली में पार्टी की हार के बाद विपक्ष भी पंजाब सरकार पर आक्रामक हो गया है।
आप का दशक लंबा शासन समाप्त
दिल्ली चुनाव 2025 में भाजपा ने 70 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत हासिल करके आप के एक दशक लंबे शासन को समाप्त कर दिया। भाजपा ने जहां निर्णायक 48 सीटें हासिल कीं, वहीं आप 22 पर सिमट गई। दिल्ली में 15 साल तक राज करने वाली सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस फिर खाली हाथ लौटी। नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे आप संयोजक केजरीवाल को भाजपा के प्रवेश वर्मा ने कड़ी टक्कर दी। वर्मा ने केजरीवाल को 4,089 वोटों से हराया, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित 4,568 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे।
चुनाव हारने वाले प्रमुख आप नेता
चुनाव हारने वाले अन्य प्रमुख आप नेताओं में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, सोमनाथ भारती और डिप्टी स्पीकर राखी बिड़ला शामिल हैं। मनीष सिसोदिया भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह से मात्र 675 वोटों से हार गए। आप ने तीन बार पटपड़गंज से विधायक रहे सिसोदिया को इस बार जंगपुरा से टिकट दिया था, सत्ता विरोधी लहर से निपटा जा सके। दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज को भाजपा नेता शिखा रॉय ने 3,188 मतों से हराया। भारद्वाज तीन बार विधायक रहे हैं और केजरीवाल मंत्रिमंडल में भी मंत्री रहे हैं, उन्होंने गृह, स्वास्थ्य, बिजली और शहरी विकास मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है।
आप के प्रमुख उम्मीदवारों को भारी हार का सामना
आप के एक और प्रमुख उम्मीदवार सोमनाथ भारती भाजपा नेता और पूर्व पार्षद सतीश उपाध्याय से 2,131 वोटों से हार गए। यह अप्रत्याशित हार थी क्योंकि भारती 2013 से मालवीय नगर से विधायक थे। एक और प्रमुख आप नेता राखी बिड़ला भी चुनाव हार गईं। तीन बार मंगोलपुरी से विधायक रहीं बिड़ला को इस साल के चुनाव में मादीपुर-एससी सीट से टिकट दिया गया था। हालांकि, वह भाजपा के कैलाश गंगवाल से 10,899 वोटों से हार गईं।

























