मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि अमृतसर साहिब, तलवंडी साहिब और श्री आनंदपुर साहिब जाने वाले शरधालुओं को बसों और ऑटो सेवाओं का उपयोग पूरी तरह मुफ्त मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी खर्च वहन करेगी ताकि किसी भी यात्री को किसी प्रकार की यात्रा कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस घोषणा को लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया। मान ने बताया कि यह निर्णय गुरु जी की विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है। लोग इसे ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं।
क्या बनेगी विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी?
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्व पद्धर की यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी का सिलेबस जनता की राय के आधार पर तैयार होगा जिसमें आधुनिक शिक्षा के साथ अध्यात्मिक ज्ञान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य अगली पीढ़ियों तक सिख इतिहास और मूल्यों को सुरक्षित पहुंचाना है। समारोह में मौजूद नेताओं ने इस शिक्षा दृष्टि की सराहना की। मान ने कहा कि नया संस्थान युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगा। लोगों में इस घोषणा से विकास को लेकर उम्मीद जगी।
क्या मिलेगी विरासत को नई पहचान?
एक अन्य बड़े एलान में मान ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब में एक नई विरासती गली विकसित की जाएगी। इस परियोजना का लक्ष्य शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़कर प्रस्तुत करना है ताकि दर्शक परंपरा के साथ आराम का अनुभव कर सकें। अधिकारियों के अनुसार यह डिजाइन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। यह कदम धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। परियोजना पूरी होने पर इस क्षेत्र को पंजाब का आदर्श विरासत शहर बनाने की योजना है। लोगों ने इसे सभ्यता संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम बताया।
क्या स्टेडियम को आधुनिक रूप मिलेगा?
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि श्री आनंदपुर साहिब स्थित चरण गंगा स्टेडियम को अल्ट्रा आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जाएगा। इसका उपयोग भावी धार्मिक, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों के लिए उच्च स्तर पर किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए आधारभूत संरचना तैयार करने की योजना बनाई है। मान ने कहा कि यह निर्णय युवाओं को शारीरिक गतिविधियों में शामिल करने में सहायक होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राष्ट्रीय आयोजकों को भी आकर्षित करेगा। लोगों ने इस विकास को अवसर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माना।
क्या बदलेंगी सरकारी दुकानों की सूरत?
अपने संबोधन में मान ने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब की सभी सरकारी दुकानों का नवीनीकरण एक समान रंग और डिजाइन में किया जाएगा ताकि पूरे पवित्र शहर में एक आकर्षक और विरासत आधारित दिखावट उभर सके। प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी और सैलानियों के अनुभव में सुधार आएगा। स्थानीय व्यापारियों को भी इससे लाभ की उम्मीद है। डिजाइन गाइडलाइन्स जल्द लागू की जाएंगी। यह प्रयास शहर के दृश्य रूप में सकारात्मक बदलाव लाने के लक्ष्य के साथ किया जा रहा है।
क्या कुर्बानी को मिला सम्मान?
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गुरु तेग बहादुर जी की महान कुर्बानी को भावनात्मक ढंग से याद किया और कहा कि इतिहास में ऐसा उदाहरण कहीं नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि गुरु जी ने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया। पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सांसद मालविंदर सिंह कंग, पर्यटन मंत्री तरुणप्रीत सिंह और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी उपस्थित रहे और संगत को संबोधित किया। लोग गुरु की वीरता की कहानियाँ सुनते हुए गंभीरता से बैठे रहे। माहौल पूरी तरह श्रद्धा से भरा था।
क्या जनता ने समर्थन किया निर्णयों को?
समारोह में शामिल लोगों ने पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा की और कहा कि इससे धार्मिक स्थलों की यात्रा आसान होगी और विरासत संरक्षण को बल मिलेगा। मान ने आश्वासन दिया कि सभी कार्य सरकारी निगरानी में समय पर पूरे किए जाएंगे। उन्होंने जनता से विकास परियोजनाओं में सहयोग का अनुरोध किया। कार्यक्रम का समापन गुरु तेग बहादुर जी को याद करते हुए सामूहिक अरदास और जयघोष के साथ हुआ। लोगों ने विश्वास जताया कि ये कदम पंजाब के आध्यात्मिक जुड़ाव को मजबूत करेंगे।























