पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खुलकर बात की।उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें जानबूझकर भ्रम फैला रही हैं।सोशल मीडिया पर अधूरी बातें घूम रही हैं।लोगों को डराने की कोशिश हो रही है।मुख्यमंत्री ने कहा पहले सच जानो फिर राय बनाओ।यह योजना जनता के लिए है राजनीति के लिए नहीं।उन्होंने अपील की कि अफवाहों को आगे न बढ़ाएं।
क्या सेहत योजना सच में बड़ा कदम है?
मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक बताया।उन्होंने कहा हर परिवार को दस लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा।यह दावा राज्य में पहली बार किया गया है।गरीब और मध्यम वर्ग को सीधी राहत मिलेगी।बीमारी में घर की बचत नहीं टूटेगी।कर्ज लेने की नौबत नहीं आएगी।सरकार कहती है आर्थिक बोझ कम होगा।
क्या रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान है?
सरकार का कहना है प्रक्रिया सरल है।आधार या वोटर कार्ड से पंजीकरण हो सकता है।सुविधा केंद्रों पर कार्ड बनाए जा रहे हैं।ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा है।सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी भी पात्र हैं।हर परिवार को स्वास्थ्य कार्ड मिलेगा।यह बात साफ तौर पर दोहराई गई।
क्या अस्पताल नियम मान रहे हैं?
सरकार ने कई निजी अस्पताल सूचीबद्ध किए हैं।करीब 2600 बीमारियों की दरें तय की गई हैं।अस्पतालों को कैशलेस इलाज देना होगा।भुगतान सीधे सरकार करेगी।मरीज से पैसा लेने की मनाही है।यदि कोई अस्पताल पैसे मांगे तो शिकायत करें।मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
क्या लोगों को राहत मिल रही है?
सरकार का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं।कई परिवारों ने इलाज भी करवाया है।पहले इलाज का खर्च जेब से देना पड़ता था।अब सीधा कवर मिल रहा है।इससे भरोसा बढ़ा है।लेकिन कुछ लोग अभी जानकारी जुटा रहे हैं।योजना की सफलता जागरूकता पर भी निर्भर है।
क्या विरोधियों की राजनीति भी चल रही है?
विपक्ष इस योजना पर सवाल उठा रहा है।कुछ इसे चुनावी कदम बता रहे हैं।कुछ अस्पतालों की संख्या पर चर्चा कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने इसे निराधार कहा।उन्होंने कहा लोगों को गुमराह न करें।योजना का फायदा रुकना नहीं चाहिए।स्वास्थ्य को राजनीति से ऊपर रखना होगा। अब नजर अमल पर है।सरकार कहती है निगरानी मजबूत होगी।शिकायत तंत्र सक्रिय रहेगा।लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।कहीं गड़बड़ी दिखे तो आवाज उठाएं।योजना तभी सफल होगी जब पारदर्शिता बनी रहेगी।सच और भरोसा ही इसकी असली परीक्षा है।























