पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत श्रद्धालुओं के दूसरे जत्थे को अमृतसर रवाना किया। इस यात्रा की शुरुआत 29 अक्टूबर को बरड़वाल गांव से हुई थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के बुज़ुर्गों और श्रद्धालुओं को जीवन में एक बार पवित्र स्थानों के दर्शन करवाने का मौका देना है। उनका कहना था कि यह यात्रा नौवें पातशाह गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है और इसका चयन पारदर्शी ड्रॉ सिस्टम से हुआ है।
श्रद्धालुओं को कौन-कौन से दर्शन कराए जाएंगे?
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इस योजना के तहत श्रद्धालु श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, जलियांवाला बाग और पार्टिशन म्यूज़ियम जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना सभी धर्मों, जातियों और वर्गों के लोगों के लिए समान रूप से लागू है ताकि पंजाब में भाईचारे और धार्मिक एकता की भावना को मज़बूती मिले।
तीन दिन, दो रात की पूरी व्यवस्था क्या है?
मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रा तीन दिन और दो रातों की होगी, जिसमें श्रद्धालुओं को पूरी तरह मुफ्त सुविधा मिलेगी। सभी यात्रियों को एसी बसों में ले जाया जाएगा, एसी होटलों में ठहरने और मुफ्त भोजन की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि 50 साल या उससे अधिक आयु के श्रद्धालु जिनके पास वोटर आईडी है, वही यात्रा के लिए पात्र हैं।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या इंतज़ाम हैं?
हर बस में एक सहायक व्यक्ति को नियुक्त किया गया है ताकि यात्रियों की मदद की जा सके। इसके अलावा, एक मेडिकल टीम भी साथ रहेगी जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता करेगी। यात्रा समाप्त होने पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक तीर्थ यात्रा नहीं बल्कि पंजाब के लोगों के लिए एक आत्मिक अनुभव है।
पंजाब की पवित्र धरती का क्या संदेश है?
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, संतों, पीरों और शहीदों की धरती है, जिन्होंने हमें एकता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें लोगों की सेवा करने और इस तरह के पवित्र काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि इस योजना को महान गुरु साहिबान की शिक्षाओं के अनुरूप बनाया गया है।
क्या इस योजना से लोगों के दिल की मन्नतें पूरी होंगी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत से बुज़ुर्ग ऐसे थे जो आर्थिक या पारिवारिक कारणों से अब तक इन पवित्र स्थलों के दर्शन नहीं कर सके थे। अब सरकार ने उनके लिए ये मौका तैयार किया है ताकि वे अपने जीवन की पुरानी मुराद पूरी कर सकें। इस यात्रा से उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक सुख मिलेगा।
गुरु तेग बहादुर जी की शहादत से क्या जुड़ाव है?
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए राज्यभर में कई कार्यक्रम तय किए हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मकसद गुरु साहिब की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है ताकि पंजाब की नई पीढ़ी भी अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ सके।























