नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने 7,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के तहत एक उन्नत टोड आर्टिलरी गन प्रणाली खरीदी जाएगी। गौरतलब है कि यह देश की पहली स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित तोप है। सरकार का कहना है कि यह सौदा तोपों के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है। एटीएजीएस 155 मिमी लंबी तोप है जो भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स इसका निर्माण करेंगे।
327 तोपखाना वाहन भी खरीदे जाएंगे
7,000 करोड़ रुपये के इस रक्षा सौदे के तहत 307 हॉवित्जर तोपें खरीदी जाएंगी, जिनकी मारक क्षमता 45-48 किलोमीटर है। इसके अलावा 327 तोपखाना वाहन भी खरीदे जाएंगे। एटीजीएस को डीआरडीओ द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स संयुक्त रूप से इनका निर्माण करेंगे। भारत फोर्ज 60 प्रतिशत तोपों का निर्माण करेगा, जबकि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स शेष 40 प्रतिशत तोपों का निर्माण करेगा।
पहाड़ी क्षेत्रों में परीक्षण सफल रहे
डीआरडीओ ने 2013 में एटीजीएस का विकास शुरू किया था। इसके बाद कई परीक्षण किए गए और वर्ष 2021-22 में ठंडे और पहाड़ी इलाकों में इसके परीक्षण सफल रहे। इसका परीक्षण राजस्थान के पोखरण में गर्म जलवायु में भी किया गया। पिछले वर्ष दिसंबर में रक्षा मंत्रालय ने एलएंडटी और दक्षिण कोरिया की हनव्हा डिफेंस द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित 100 के-9 वज्र तोपों के सौदे को भी मंजूरी दी थी। यह सौदा 7 हजार करोड़ रुपए से अधिक का था।

























