नई दिल्ली. दिल्ली में हुए बम धमाकों के बाद सरकार विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “अमित शाह एक असफल गृह मंत्री हैं। 7 महीनों में 41 भारतीयों की जान जा चुकी है। दिल्ली में जो हुआ उसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?” कांग्रेस नेता ने कहा, “राजधानी दिल्ली में हुए बम धमाके में 10 लोग मारे गए। कल ही फरीदाबाद में 360 किलो विस्फोटक ज़ब्त किया गया। यह वहाँ कैसे पहुँचा? यह कितना गंभीर हो सकता था? सिर्फ़ 7 महीने पहले पहलगाम में एक क्रूर आतंकवादी हमला हुआ था और अब दिल्ली में हुआ है।” इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?
उन्होंने कहा, “गृह मंत्री कहाँ हैं? प्रधानमंत्री कहाँ हैं? उनकी नाक के नीचे भारतीयों की बेरहमी से हत्या की जा रही है, फिर भी इन दोनों को चुनाव प्रचार से फुर्सत नहीं है, और कोई जवाबदेही भी नहीं है।” सुप्रिया श्रीनेत ने आगे कहा कि सात महीनों में 41 भारतीयों की जान जा चुकी है। अमित शाह एक असफल गृह मंत्री हैं। दिल्ली पुलिस किसके अधिकार क्षेत्र में है? सीमा सुरक्षा की ज़िम्मेदारी किसकी है? आईबी किसे रिपोर्ट करती है?
कांग्रेस नेता ने कहा, “बड़े-बड़े दावे आपकी नाकामियों और बार-बार हुई गंभीर सुरक्षा चूकों को नहीं छिपा सकते। अगर निर्दोष लोगों की जान गई, तो सवाल उठेंगे ही। जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। क्योंकि देश सुरक्षित हाथों में नहीं है।”
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “18 घंटे हो गए हैं। गृह मंत्री को सोशल मीडिया और मीडिया में फैल रही अफ़वाहों को रोकने के लिए जो भी जानकारी हो, देनी चाहिए। ताकि सोशल मीडिया पर अफ़वाहों का बाज़ार गर्म होना बंद हो जाए। गृह मंत्री की सुरक्षा पर ध्यान न देना साफ़ ज़ाहिर था, उन्होंने सीसीटीवी से बचते हुए चुनावी राज्य में एक होटल के कमरे में डेरा डाल रखा था।”
उन्होंने कहा, “जब पहलगाम की घटना हुई, तो प्रधानमंत्री अपनी सऊदी यात्रा छोड़कर वापस आ गए। अब, जब दिल्ली में बम धमाके हुए, तो वे भूटान चले गए। वे क्यों गए? अगर कोई और प्रधानमंत्री होता, तो उसे देश की चिंता होती, बातचीत वर्चुअली हो सकती थी।”
टीएमसी पर भी निशाना
ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, “भारत को एक सक्षम गृह मंत्री की ज़रूरत है। क्या अमित शाह का यह कर्तव्य नहीं है कि वे हमारी सीमाओं और शहरों, दोनों की रक्षा करें? वह हर मामले में इतनी बुरी तरह विफल क्यों हो रहे हैं?”























