यूपी न्यूज. प्रयागराज में महाकुंभ मेले में बुधवार को माघी पूर्णिमा स्नान की शुरुआत हो गई है, हजारों की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए उमड़ पड़े हैं। अब तक 65 लाख से अधिक श्रद्धालु माघी पूर्णिमा के अवसर पर डुबकी लगा चुके हैं, जो महीने भर के कल्पवास का समापन है।
कल्पवास महाकुंभ की एक अभिन्न परंपरा है, जिसमें संगम क्षेत्र के पास रहना, उपवास, आत्म-अनुशासन, आत्मनिरीक्षण और आध्यात्मिक शुद्धि का पालन करना शामिल है। इस साल 10 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने कल्पवास किया। प्रशासन ने माघी पूर्णिमा स्नान पर्व के लिए व्यापक तैयारियां की हैं और आज विभिन्न घाटों पर करीब दो करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद है।
निर्धारित पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं
स्नान घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुचारू रवानगी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा उपायों के तहत प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), अर्धसैनिक बल, एटीएस, एसटीएफ और एनएसजी कमांडो को तैनात किया गया है। कल्पवासियों को यातायात नियमों का पालन करने और केवल अधिकृत पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने को कहा गया है। यातायात अव्यवस्था से बचने के लिए सार्वजनिक और निजी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं।
आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई थी
स्नान घाटों पर जल पुलिस, गोताखोर, बाढ़ कंपनी पीएसी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को भी तैनात किया गया है। घाटों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। मंगलवार को सुबह 4 बजे से मेला क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया गया। आधिकारिक बयान के अनुसार, शाम 5 बजे से पूरे शहर में यह नियम लागू होना था, जिसमें आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई थी।
13 जनवरी को शुरू हुए इस भव्य आयोजन
कुंभ एसएसपी राजेश द्विवेदी ने कहा कि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रूप से चल रही है और हम सभी (भीड़) दबाव बिंदुओं का ध्यान रख रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कहा कि महाकुंभ समाप्त होने में केवल 14 दिन शेष रह गए हैं और 13 जनवरी को शुरू हुए इस भव्य आयोजन के बाद से अब तक 45 करोड़ से अधिक लोग इसमें डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर अंतिम अमृत स्नान के साथ होगा।























