शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पब्लिकेशन डिपार्टमेंट में 328 पवित्र स्वरूपों के मामले को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की कल हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद SGPC के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी कोर्ट के फैसले दिखाकर अपना पक्ष रखा है। एडवोकेट धामी ने कहा कि कोर्ट ने भी कर्मचारियों द्वारा फाइल किए गए केस के फैसले लिखते समय माना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एक प्राइवेट संस्था है और शिरोमणि कमेटी अपने सर्विस नियमों के मुताबिक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सक्षम है।
जिन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, उन्होंने लोकल और हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने SGPC की डिपार्टमेंटल कार्रवाई को सही ठहराया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को 2027 में आने वाले चुनाव दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मान यह भी देख रहे हैं कि शिरोमणि अकाली दल उभर रहा है और उन पर शिरोमणि अकाली दल का पक्ष लेने का आरोप लग रहा है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष होने के साथ-साथ मैं शिरोमणि अकाली दल का एक विनम्र नेता भी हूं। मैं हमेशा शिरोमणि कमेटी और शिरोमणि अकाली दल के हितों के लिए बोलूंगा। उन्होंने कहा कि इस मामले को और नहीं उलझाना चाहिए। इस मामले से और कुछ नहीं निकलेगा। एक कर्मचारी ने पैसे का गलत इस्तेमाल किया था, जिस पर शिरोमणि कमेटी ने सख्त कार्रवाई की है।























