13 फरवरी को शंभू-खनौरी सीमा पर किसानों के संघर्ष का एक साल पूरा हो जाएगा। एसएसपी समेत 13 अन्य मांगों को लेकर किसान लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उधर, खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की भूख हड़ताल शुक्रवार को 74वें दिन भी जारी रही। हालांकि, इलाज के लिए राजी होने के बाद उनकी सेहत में भी सुधार हो रहा है। गुरुवार रात को डल्लेवाल को दी जा रही ड्रिप बंद कर दी गई। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि कई दिनों से लगातार ड्रिप सिंचाई लगाई जा रही थी, जिसे कुछ समय के लिए हटा दिया गया है।
डल्लेवाल का पोता शुक्रवार को खनौरी बॉर्डर पर पहुंचा
यदि आवश्यक हो तो डॉक्टर ड्रिप पुनः डाल सकते हैं। शुक्रवार को जगजीत सिंह डल्लेवाल के पोते जिगरजोत सिंह डल्लेवाल उनसे मिलने आए। कोहाड़ ने बताया कि 11, 12 व 13 फरवरी को राजस्थान के रतनपुरा के अलावा खनौरी व शंभू मोर्चा में होने वाली महापंचायतों की तैयारियां जोरों पर हैं। किसानों से गांव-गांव जाकर महापंचायत में पहुंचने को कहा जा रहा है। कुहाड़ ने किसानों से अपील की कि वे आगामी महापंचायतों में आर्थिक योगदान देकर भाग लें ताकि किसानों की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाई जा सके और उन्हें उनका हक दिलाया जा सके।
डल्लेवाल केवल ट्यूबवेल का पानी ही पीएंगे
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन जारी है। हरियाणा राज्य के पचास गांवों के किसान अपने खेतों से ट्यूबवेल का पानी लेकर जगजीत सिंह डल्लेवाल को देने के लिए खनौरी बॉर्डर पर पहुंचे। इसके साथ ही यह भी घोषणा की गई कि यह पानी जगजीत सिंह डल्लेवाल को पीने के लिए दिया जाएगा, क्योंकि डल्लेवाल इन ट्यूबवेलों से खेतों की जमीन बचाने के लिए आमरण अनशन कर रहे हैं।

























