पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ कहा कि सरकार गुरु रविदास महाराज के दिखाए रास्ते पर चल रही है।उन्होंने कहा कि समाज में कोई ऊंचा नीचा न हो यही गुरु जी की शिक्षा थी।सरकार हर नीति में इसी सोच को आधार बना रही है।बराबरी को सिर्फ भाषण तक सीमित नहीं रखा जा सकता।इसे जमीन पर उतारना जरूरी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इस दिशा में ईमानदारी से काम कर रही है।इसी सोच के तहत प्रकाश पर्व को राज्य स्तर पर मनाया जा रहा है।
कैबिनेट नतमस्तक क्यों होगी?
मुख्यमंत्री ने बताया कि 6 फरवरी को होशियारपुर के खुरालगढ़ साहिब में राज्य स्तरीय समागम होगा।इस मौके पर पंजाब की पूरी कैबिनेट मौजूद रहेगी।मंत्री संगत के साथ गुरु रविदास जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।मान ने कहा कि यह केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं है।यह समानता के संदेश को दोहराने का अवसर है।उन्होंने संगत से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की।सरकार चाहती है कि गुरु जी की सोच हर घर तक पहुंचे।
आज भी वाणी प्रासंगिक क्यों?
भगवंत मान ने कहा कि गुरु रविदास जी की वाणी आज भी मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ है।उन्होंने पूरी दुनिया को इंसानियत का रास्ता दिखाया।समाज में फैली बुराइयों का समाधान इसी वाणी में छिपा है।नफरत और भेदभाव से मुक्ति का मार्ग गुरु जी ने बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर समाज इस रास्ते पर चले।तो कई समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी।इसीलिए सरकार इस संदेश को आगे बढ़ा रही है।
खुरालगढ़ यादगार क्या बताती है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि खुरालगढ़ साहिब में 148 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय यादगार बनाई गई है।यह सरकार की ओर से गुरु रविदास जी को विनम्र श्रद्धांजलि है।इसमें आधुनिक ऑडिटोरियम और संगत हॉल मौजूद है।मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा भी दी गई है।मीनार ए बेगमपुरा गुरु जी के सपने को दर्शाती है।मान ने कहा कि यह केवल इमारत नहीं है।यह समानता की सोच का प्रतीक है।
गुरु जी ने कैसा समाज चाहा?
भगवंत मान ने कहा कि गुरु रविदास जी ने ऐसे समाज का सपना देखा था।जहां किसी को दुख या तकलीफ न झेलनी पड़े।कोई भी खुद को छोटा या बड़ा न समझे।हर इंसान को बराबरी का अधिकार मिले।गुरु जी गरीब और पिछड़े वर्गों के मार्गदर्शक थे।उन्होंने सादा और सच्चा जीवन जीने की शिक्षा दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दर्शन आज भी हमें दिशा देता है।
बड़े प्रकाश पर्व की तैयारी कैसे?
सरकार ने गुरु रविदास जी के 649वें प्रकाश पर्व के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।खुरालगढ़ साहिब में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय समागम आयोजित किया गया है।इसमें संत महापुरुष और धार्मिक नेता शामिल होंगे।कैबिनेट मंत्री और अन्य गणमान्य भी मौजूद रहेंगे।6 फरवरी को अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ समापन होगा।साथ ही 2027 के ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व की तैयारी शुरू हो चुकी है।पूरे साल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संगत के लिए क्या इंतजाम?
मुख्यमंत्री ने कहा कि संगत की सुविधा सरकार की प्राथमिकता है।आवागमन से लेकर ठहरने तक की पूरी व्यवस्था की गई है।सुरक्षा और अन्य प्रबंध भी पुख्ता हैं।खुरालगढ़ साहिब से पंजाब के हर गांव तक गुरु जी का संदेश पहुंचाया जा रहा है।शैक्षिक और सामाजिक कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।मान ने कहा कि यह एक दिन का आयोजन नहीं है।यह समानता वाले समाज की लंबी मुहिम है।























