चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्री Harpal Singh Cheema और Lal Chand Kataruchak ने गुरु रविदास जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं की ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।यह ट्रेन गुरु रविदास जी की जन्मस्थली वाराणसी के लिए रवाना हुई।मंत्रियों ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं है।यह गुरु जी के विचारों से जुड़ने का माध्यम है।श्रद्धालुओं में भारी उत्साह दिखा।रेलवे स्टेशन पर भक्ति का माहौल रहा।
कौन-कौन नेता इस मौके पर मौजूद रहे?
इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।लोकसभा सांसद Raj Kumar Chabbewal भी मौजूद रहे।चब्बेवाल से विधायक डॉ इशांक कुमार शामिल हुए।साबक़ा मंत्री बलकार सिंह ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।मोहाली से विधायक कुलवंत सिंह मौजूद रहे।पंजाब सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन कुमार टीनू भी पहुंचे।कार्यक्रम में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी दिखी।
650वीं जयंती को लेकर सरकार की क्या योजना है?
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में सरकार गुरु रविदास जी का 650वां जन्मदिवस बड़े स्तर पर मनाएगी।पूरे पंजाब में कार्यक्रम आयोजित होंगे।गुरु जी के जीवन, शिक्षाओं और यात्राओं को जनता तक पहुंचाया जाएगा।इसके लिए कैबिनेट सब-कमेटी ने विस्तृत ढांचा तैयार किया है।यह आयोजन सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा।पूरे वर्ष गतिविधियां चलेंगी।
शोध केंद्र स्थापित करने का फैसला क्यों अहम है?
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं पर शोध के लिए विशेष केंद्र स्थापित किया जाएगा।इसके लिए आज विधिवत बिक्री दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए।इस केंद्र में गुरु जी के दर्शन और विचारों पर अध्ययन होगा।नई पीढ़ी को उनके संदेश से जोड़ा जाएगा।यह केंद्र अकादमिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।सरकार इसे दीर्घकालिक परियोजना मान रही है।
गुरु रविदास जी का मुख्य संदेश क्या था?
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि गुरु रविदास जी ने समानता और मानव कल्याण का संदेश दिया।उन्होंने किसी भेदभाव को स्वीकार नहीं किया।उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को दिशा देती हैं।हर व्यक्ति को बराबरी का अधिकार देना उनका मूल विचार था।मंत्री ने कहा कि आज भी गुरु जी की सोच प्रकाश स्तंभ की तरह है।उसी मार्ग पर चलकर आदर्श समाज बन सकता है।
सरकार किस तरह के समाज की स्थापना चाहती है?
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि सरकार गुरु रविदास जी के दर्शन पर आधारित समाज बनाना चाहती है।यह समाज समानता पर आधारित होगा।कमजोर वर्गों को विशेष संरक्षण दिया जाएगा।सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है।650वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है।हर विभाग को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
649वीं जयंती पर क्या संदेश दिया गया?
इससे पहले 649वीं जयंती पर संगत को बधाई दी गई।मंत्रियों ने कहा कि गुरु रविदास जी ने ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां कोई दुखी न हो।उसी सोच को आगे बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है।गरीब और कमजोर वर्गों का कल्याण प्राथमिकता है।सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है।गुरु जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

























