दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक अहम रही।यूरेनियम सप्लाई पर लंबी अवधि का समझौता हुआ।यह लगभग दस साल के लिए माना जा रहा है।इसकी कीमत करीब तीन अरब डॉलर बताई जा रही है।कनाडा बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है।भारत अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए स्थिर सप्लाई चाहता है।इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
क्या ऊर्जा सहयोग और बढ़ेगा?
दोनों देशों ने सिविल न्यूक्लियर सहयोग बढ़ाने पर सहमति दी।छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर साथ काम होगा।नवीकरणीय ऊर्जा पर भी MoU साइन हुआ।स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दी गई है।इससे कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी।भविष्य की तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।ऊर्जा क्षेत्र में भरोसा बढ़ा है।
क्या अहम खनिजों पर नया जोर?
भविष्य की इंडस्ट्री में खनिज अहम हैं।दोनों देशों ने सप्लाई चेन सुरक्षित करने की बात कही।लिथियम समेत जरूरी खनिजों पर चर्चा हुई।बैटरी और टेक उद्योग के लिए ये जरूरी हैं।भारत इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है।कनाडा के पास बड़े संसाधन हैं।यह साझेदारी निवेश बढ़ा सकती है।
क्या व्यापार नए रास्ते खोलेगा?
व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति हुई।जरूरी दस्तावेज लगभग तैयार बताए गए।2030 तक व्यापार 50 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया।निवेश बढ़ने की उम्मीद है।रोजगार के अवसर बन सकते हैं।दोनों बाजारों को फायदा होगा।व्यापारिक भरोसा मजबूत होगा।
क्या रक्षा सहयोग मजबूत होगा?
बैठक में रक्षा और सुरक्षा पर खास जोर रहा।समुद्री सुरक्षा पर चर्चा हुई।सैन्य आदान-प्रदान बढ़ाने का फैसला लिया गया।रक्षा उद्योग में संयुक्त अवसर तलाशे जाएंगे।भारत-कनाडा रक्षा संवाद शुरू करने की घोषणा हुई।इससे रणनीतिक भरोसा बढ़ेगा।इंडो-पैसिफिक में साझेदारी मजबूत हो सकती है।
क्या पुरानी कड़वाहट खत्म हुई?
2023 में दोनों देशों के संबंधों में तनाव आया था।कुछ आरोपों से रिश्ते प्रभावित हुए थे।भारत ने आरोपों को खारिज किया था।कूटनीतिक कदम भी उठाए गए थे।पिछले महीनों में संवाद बढ़ा।नई बैठक ने नई शुरुआत का संकेत दिया।रिश्ते सामान्य होने की दिशा में हैं।
क्या मोदी का संदेश स्पष्ट था?
संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।उन्होंने साझा दृष्टि की बात की।2030 तक व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य दोहराया।आर्थिक सहयोग को प्राथमिकता बताया।जल्द CEPA को अंतिम रूप देने पर जोर दिया।संदेश साफ था आगे बढ़ने का।भारत और कनाडा नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं।
























