मोदी ने दौरे के दौरान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की बात कही।यह समझौता दोनों देशों के व्यापार को नई गति देगा।मोदी ने कहा कि यह करार दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभदायक होगा।भारत पहले भी कई देशों के साथ ऐसे समझौते कर चुका है।इजरायल के साथ एफटीए निवेश बढ़ाएगा।नए अवसर बनने की उम्मीद है।
क्या रक्षा सहयोग और मजबूत होगा?
मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास और उत्पादन पर काम करेंगे।टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी इसका अहम हिस्सा होगा।दोनों देश पहले से रक्षा साझेदार हैं।नए फैसलों से सैन्य क्षमता बढ़ेगी।संयुक्त परियोजनाएं तेज होंगी।सुरक्षा सहयोग और गहरा होगा।
क्या रिश्तों को नया दर्जा मिला?
मोदी और नेतन्याहू ने संबंधों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने की घोषणा की।मोदी ने कहा कि यह फैसला साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है।दोनों देशों का रिश्ता भरोसे पर टिका है।यह दर्जा भविष्य के सहयोग को बढ़ाएगा।दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर दिया गया।
क्या गाजा शांति पर भारत का रुख?
मोदी ने कहा कि मानवता को संघर्ष का शिकार नहीं होना चाहिए।भारत ने गाजा में शांति प्रयासों का समर्थन किया है।मिडिल ईस्ट में स्थिरता भारत के सुरक्षा हित से जुड़ी है।भारत सभी साझेदारों के साथ मिलकर काम करेगा।मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी गई।यह संतुलित कूटनीति का संकेत माना जा रहा है।
क्या आतंकवाद विरोधी साझेदारी मजबूत?
भारत और इजरायल ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।मोदी ने कहा कि दोनों देश लंबे समय से साथ खड़े हैं।आतंकवाद और उसके समर्थकों का विरोध जारी रहेगा।सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी।खुफिया साझेदारी बढ़ेगी।क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।
क्या डिजिटल सहयोग भी बढ़ेगा?
मोदी ने बताया कि इजरायल में यूपीआई उपयोग के लिए समझौता हो गया है।इससे भारतीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी।डिजिटल भुगतान सहयोग का नया अध्याय खुलेगा।फिनटेक क्षेत्र में भागीदारी बढ़ेगी।स्टार्टअप के लिए नए अवसर बनेंगे।यह भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या दौरे का बड़ा संदेश क्या है?
मोदी ने अपना सम्मान 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया।उन्होंने कहा कि भारत-इजरायल दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है।दौरे ने संबंधों को नई दिशा दी है।व्यापार, रक्षा और तकनीकी सहयोग बढ़ेगा।मिडिल ईस्ट में भारत की भूमिका मजबूत होगी।दोनों देशों के बीच भरोसा और गहरा हुआ है।
























