राष्ट्रीय समाचार: भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों पर असर डालने वाला एक अहम फैसला सामने आया है। रेलवे बोर्ड द्वारा प्रस्तावित किराया वृद्धि को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है और यह आज से लागू हो जाएगी। इस संशोधन का असर मुख्य रूप से लंबी दूरी की मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।
किराया वृद्धि का दायरा
रेल मंत्रालय के अनुसार, एसी कोच के किराए में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि होगी, जबकि गैर-एसी श्रेणियों में 1 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि होगी। यह वृद्धि केवल 500 किलोमीटर से अधिक लंबी यात्राओं पर लागू होगी। कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई यात्री 1,000 किलोमीटर की यात्रा कर रहा है, तो उसे एसी श्रेणी में 20 रुपये और नॉन-एसी श्रेणी में 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
इस वृद्धि से किसे छूट मिलेगी?
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उपनगरीय लोकल ट्रेनों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। साथ ही, मासिक सीजन टिकट (MST) धारकों को इस किराया वृद्धि से छूट दी गई है। इसके अलावा, जिन यात्रियों ने 1 जुलाई से पहले टिकट बुक करा लिए हैं, उन्हें संशोधित किराया नहीं देना होगा। उनकी बुकिंग पुरानी किराया दरों पर ही वैध रहेगी।
ट्रेनें जहां नया किराया लागू होगा
- राजधानी
- शताब्दी
- वंदे भारत
- तेजस
- हमसफर
- दुरंतो
- अमृत भारत
- महामना
- जन शताब्दी
- गरीब रथ
- अन्त्योदय
- गतिमान
- और अन्य सुपरफास्ट ट्रेन सेवाएं
- यह परिवर्तन उपर्युक्त ट्रेनों की सभी एसी और नॉन-एसी श्रेणियों को प्रभावित करेगा।
आरक्षण शुल्क या करों में कोई परिवर्तन नहीं
भारतीय रेलवे ने पुष्टि की है कि किराया वृद्धि केवल बेस किराए पर लागू होगी। आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट सरचार्ज या जीएसटी में कोई बदलाव नहीं होगा। टिकट की कीमतें सामान्य तरीके से ही राउंड ऑफ होती रहेंगी – उदाहरण के लिए, ₹5.04 का किराया ₹6 में राउंड ऑफ हो जाएगा।
बिना किसी पूर्वव्यापी प्रभाव के पहली बार कार्यान्वयन
इससे पहले जब भी किराया बढ़ाया जाता था, तो पहले से टिकट बुक करने वाले यात्रियों से यात्रा के दौरान किराया अंतर वसूला जाता था। हालांकि, पहली बार भारतीय रेलवे संशोधित किराया केवल 1 जुलाई 2025 या उसके बाद की गई नई बुकिंग पर ही लागू करेगा।
इस नई व्यवस्था से लंबी दूरी की रेल यात्रा थोड़ी महंगी हो जाएगी, लेकिन इससे स्थानीय और उपनगरीय यात्रियों को राहत भी मिलेगी। आने वाले महीनों में यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए, 1 जुलाई से पहले टिकट बुक करना एक स्मार्ट वित्तीय निर्णय साबित हो सकता है।

























