जालंधर प्रशासन ने जिले में अनाधिकृत आव्रजन फर्मों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 फर्मों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद इन फर्मों ने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया। नोटिस का जवाब न देने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। उनके लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
डॉ. अग्रवाल ने कानूनी नियमों का पालन न करने वाली आव्रजन फर्मों से लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे केवल पंजीकृत आव्रजन फर्मों से ही परामर्श करें, जिन्होंने प्रशासन से उचित लाइसेंस प्राप्त किया हो।
उन्होंने आगे बताया कि जालंधर प्रशासन जिले में चल रही सभी इमिग्रेशन फर्मों पर लगातार नजर रखता है और बिना लाइसेंस के कारोबार चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है। इस कदम का उद्देश्य आव्रजन क्षेत्र में धोखेबाजों को रोकना तथा यह सुनिश्चित करना है कि निवासियों को वैध एवं पारदर्शी सेवाएं प्राप्त हों।
यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि प्रशासन ने फर्मों द्वारा की गई अनियमितताओं के कारण कुछ अन्य लाइसेंसों की भी समीक्षा की है। डीसी ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आने वाले दिनों में ये लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।
इसके अलावा, डॉ. अग्रवाल ने विदेश जाने के इच्छुक लोगों से अपील की कि वे हमेशा कानूनी आव्रजन मार्ग चुनें। उन्होंने उन्हें केवल पंजीकृत आव्रजन सलाहकारों से ही संपर्क करने की सलाह दी है। इनकी सूची www.jalandhar.nic.in और www.emigrate.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए, व्यक्ति प्रोटेक्टर जनरल ऑफ इमिग्रेंट्स हेल्पलाइन 95306-41790 पर संपर्क कर सकते हैं

























