कश्मीर घाटी में सर्दियों का सबसे कठिन दौर चिल्लई-कलां शुरू हो गया है। यह हर साल दिसंबर के आखिर में आता है। इसके साथ ही ठंड अपने चरम पर पहुंचने लगती है। इस बार भी शुरुआत बर्फ और बारिश के साथ हुई है। पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फ गिरी है। मैदानी हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। मौसम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि कश्मीर में अब असली ठंड शुरू हो चुकी है।
चिल्लई-कलां को इतना खास क्यों माना जाता है
चिल्लई-कलां लगभग चालीस दिनों तक चलता है। इस दौरान तापमान सबसे नीचे चला जाता है। भारी बर्फबारी आम बात होती है। कश्मीर के लोग इस दौर पर खास नजर रखते हैं। इसकी बर्फ गर्मियों में नदियों के जलस्तर तय करती है। खेती और पीने के पानी के लिए यह समय अहम माना जाता है। स्थानीय परंपराओं में भी चिल्लई-कलां का खास महत्व है। इसे प्रकृति के संतुलन से जोड़ा जाता है।
कहां कहां हुई बर्फबारी और बारिश
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई है। गुलमर्ग, सोनमर्ग और साधना टॉप जैसे पर्यटन स्थलों पर सफेद चादर बिछ गई है। श्रीनगर समेत घाटी के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से चल रहे सूखे दौर का अंत हुआ है। इस बारिश और बर्फ से मौसम में नमी लौटी है। इससे वातावरण में ताजगी महसूस की जा रही है।
लोगों ने मौसम के बदलाव को कैसे देखा
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से लोग खुश नजर आए। पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने तस्वीरें और वीडियो साझा किए। कई जगह सड़कों और पहाड़ों पर बर्फ की मोटी परत दिखी। घाटी में बारिश से लोगों को राहत मिली है। सूखे मौसम के कारण जो बीमारियां बढ़ रही थीं उनमें कमी की उम्मीद है। स्थानीय लोग इसे शुभ संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि अच्छी बर्फबारी आगे के मौसम के लिए जरूरी है।
क्या यात्रा और यातायात पर असर पड़ा
कुछ ऊंचे इलाकों में सड़कों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। भारी बर्फ और बारिश के कारण फिसलन बढ़ गई है। प्रशासन ने गैर जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी रास्तों पर सतर्कता बरतने को कहा गया है। यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही निकलने की अपील की गई है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर राहत दल तैयार रखे गए हैं।
मौसम विभाग ने आगे क्या अनुमान जताया
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। निचले इलाकों में बारिश होने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में और बर्फ गिर सकती है। ठंड में और इजाफा होने की आशंका है। लोगों को गर्म कपड़े और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। यह मौसम धीरे धीरे पूरे कश्मीर को अपनी चपेट में ले लेगा।
सरकार ने हालात पर क्या कहा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों संभागों में तैयारियों की समीक्षा की गई है। बर्फबारी से कुछ परेशानियां हो सकती हैं। लेकिन इसे लेकर शिकायत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग लंबे समय से बर्फ का इंतजार कर रहे थे। यह प्रदूषण कम करेगी और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देगी।

























