लुधियाना के बसंत एवेन्यू में हुई हत्या ने इलाके को हिला दिया था।चार साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया।तीन आरोपियों को दोषी ठहराया गया।पति पत्नी भी सजा पाने वालों में शामिल हैं।अदालत ने उम्रकैद सुनाई।साथ ही जुर्माना भी लगाया गया।फैसले से पीड़ित परिवार को राहत मिली। मामला नवंबर 2022 का बताया गया।36 वर्षीय रवि और उसकी सास नूर जहां पर हमला हुआ था।दोनों पर लाठी और सरियों से वार किए गए।बीच बचाव में आई सास को भी नहीं छोड़ा गया।हमले के बाद आरोपी भाग गए।दोनों गंभीर रूप से घायल थे।इलाके में दहशत फैल गई थी।
क्या पुरानी रंजिश बनी वजह?
जांच में पुरानी रंजिश सामने आई।बताया गया कि शराब पीने के दौरान विवाद हुआ।गोपी चंद ने गालियां देना शुरू किया।रवि ने विरोध किया।इसके बाद दो और आरोपियों को बुलाया गया।तीनों ने मिलकर हमला किया।मामला हिंसक झगड़े में बदल गया। घायलों को पहले अस्पताल ले जाया गया।प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।लेकिन हालत बिगड़ गई।दोबारा सिविल अस्पताल ले जाया गया।इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।परिवार सदमे में डूब गया।मामला हत्या में बदल गया।
क्या कोर्ट ने सबूतों पर भरोसा किया?
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्ष सुने।गवाह और सबूतों की जांच हुई।मेडिकल रिपोर्ट भी अहम रही।अदालत ने आरोपियों को दोषी माना।हत्या की मंशा साबित हुई।इसके बाद फैसला सुनाया गया।न्याय प्रक्रिया पूरी हुई। अदालत ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद दी।हर आरोपी पर जुर्माना भी लगाया गया।पति पत्नी भी दोषियों में शामिल हैं।फैसले ने सख्त संदेश दिया।हिंसक अपराध पर कठोर रुख दिखा।कानून का डर कायम रखने की कोशिश हुई।पीड़ित परिवार को न्याय मिला। चार साल लंबी कानूनी लड़ाई चली।परिवार लगातार न्याय की मांग करता रहा।फैसले से उन्हें राहत मिली।इलाके में भी चर्चा रही।लोगों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया।यह मामला अपराध पर सख्ती का उदाहरण बना।न्याय की उम्मीद मजबूत हुई।

























