AAP सरकार ने रिकॉर्ड गति से निर्माण कार्य पूरा किया। 45 में से अधिकतर केंद्र चालू हैं। यह केवल इमारतें नहीं बल्कि आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन्हें दूरस्थ गांवों व छोटे शहरों में स्थापित किया गया ताकि लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। पारदर्शिता की नीति से धन का सही उपयोग सुनिश्चित हुआ। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समयबद्ध कार्यवाही सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। यह प्रबंधन जनता के भरोसे को मजबूत कर रहा है।
कैसे मिल रही माताओं को बेहतर सुविधा?
MCCC केंद्रों में सुरक्षित डिलीवरी, गर्भावस्था की पूर्व व पश्चात देखभाल, नवजात शिशु उपचार और जोखिमग्रस्त माताओं की विशेष निगरानी होती है। जहां एनीमिया या स्वास्थ्य चुनौतियां अधिक पाई गईं, उन इलाकों को प्राथमिकता दी गई। अब लोगों को महंगे निजी अस्पतालों या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ता। इलाज गांव तक पहुंचा है। इससे आर्थिक बोझ घटा और समय पर उपचार सुनिश्चित हुआ। अधिकांश केंद्रों में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।
क्यों बना AAC और MCCC का संयोजन मॉडल प्रभावी?
सरकार ने 800 से अधिक ‘आम आदमी क्लीनिक’ स्थापित किए जहां 80 दवाएं और 41 टेस्ट मुफ्त मिलते हैं। छोटे रोग AAC में संभाले जाते हैं जबकि गंभीर व प्रसूति संबंधी मामलों का MCCC में इलाज होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए AAC में मुफ्त जांच से MCCCs पर अनावश्यक दबाव कम हुआ। इस तालमेल से मरीज सही स्थान पर पहुंचते हैं। यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन रहा।
क्या खुद मुख्यमंत्री निगरानी करते हैं?
मुख्यमंत्री भगवंत मान समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण करते हैं। इससे स्टाफ की कमी या संचालन संबंधी समस्याएं तुरंत पहचान ली जाती हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि पैसा खर्च करने से ज्यादा जरूरी है सेवाओं का प्रभावी संचालन। बुढलाडा केंद्र का 5.10 करोड़ सिर्फ भवन नहीं बल्कि पूर्ण रूप से कार्यशील व्यवस्था में बदला गया। यह मॉडल बताता है कि ‘सिस्टम चलना’ निर्माण से अधिक महत्वपूर्ण है।
क्या यह प्रशासनिक पारदर्शिता की मिसाल?
MCCC परियोजनाओं में सरकारी धन सही दिशा में लगाया गया। सभी निर्माण स्थानीय जरूरतों के अनुसार किए गए। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह निवेश भविष्य में राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा क्योंकि स्वस्थ समाज अधिक उत्पादक होता है। सरकार बाकी केंद्रों को भी जल्द पूरा करेगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक केंद्र गुणवत्ता, प्रशिक्षित स्टाफ और आधुनिक सुविधा के साथ संचालित होगा।
क्या पंजाब अब स्वास्थ्य मॉडल बन सकता है?
45 MCCCs का नेटवर्क केवल योजना नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत है। AAP सरकार की इच्छाशक्ति, तेज काम और प्राथमिक स्वास्थ्य से विशेषज्ञ देखभाल का तालमेल नए युग की चिकित्सा व्यवस्था बना रहा है। यह प्रगति संकेत देती है कि हर माँ और बच्चे का भविष्य सुरक्षित दिशा में जा रहा है। पंजाब जल्द ही ऐसा राज्य बनेगा जहां स्वास्थ्य सेवा सबके लिए उपलब्ध होगी। सरकार का दावा है—अब कोई बच्चा उपेक्षित नहीं रहेगा।

























