अब नरेगा मजदूरों को घर में किए गए काम जैसे शौचालय निर्माण, छत मरम्मत या फर्श सुधार पर भी ₹346 प्रतिदिन मिलेगा। यदि कोई मजदूर 90 दिन काम करता है तो ₹31,140 सीधे खाते में पहुंचेंगे। इससे सीमित अवसर वाले परिवार राहत पाएंगे। यह निर्णय सामाजिक सम्मान और स्थिरता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। पहले मजदूरी सिर्फ बाहरी निर्माण कार्यों पर मिलती थी, अब खेतों में बांध बनाने, कुआं खोदने या पानी संचयन जैसे कामों पर भी भुगतान होगा। इससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास बिना अतिरिक्त खर्च के हो सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे गांवों से बड़े पैमाने पर पलायन कम होगा।
पैसे सीधे खाते में जाएंगे
सभी भुगतान बैंक या डाकघरों में सीधे जमा होंगे ताकि बीच के लोगों की भूमिका खत्म की जा सके। हर मजदूर को साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार गारंटी के रूप में दिया जाएगा। 15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। डिजिटल रिकॉर्ड से पारदर्शिता मजबूत होगी।
महिलाओं को खास फायदा
नरेगा कामों में 33% हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित है। पहले घरेलू जिम्मेदारियों के कारण वे काम नहीं कर पाती थीं। अब घर में कार्य करके भी मजदूरी पा सकेंगी। बाहर काम होने पर पीने का पानी, छाया और चिकित्सा सुविधा अनिवार्य रहेगी। यह फैसला महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण है।
घर सुधारते हुए कमाई संभव
अब गरीब परिवार मुरम्मत, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे सुधारते हुए कमाई भी कर सकेंगे। किसान सिंचाई कार्यों से खेतों को मजबूत बना सकेंगे। इससे गांवों में सफाई, भंडारण व्यवस्था और रहने की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। इसे दोहरी लाभ वाली व्यावहारिक योजना बताया जा रहा है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बेहद सरल
रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है और 18 वर्ष से ऊपर का कोई भी ग्रामीण व्यक्ति आवेदन कर सकता है। जॉब कार्ड 15 दिन में जारी होगा। मुख्यमंत्री ने सभी पात्र परिवारों से तुरंत आवेदन करने की अपील की है। योजना जाति या लिंग के बिना सभी को समान अवसर देती है।
कड़ी निगरानी से असर बढ़ेगा
विशेष समीक्षा टीमों से काम की प्रामाणिकता की निगरानी होगी। मान का कहना है कि सही तरीके से लागू होने पर यह योजना राष्ट्रीय उदाहरण बन सकती है। घर से काम की व्यवस्था परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगी। लोग मानते हैं कि यह फैसला भविष्य में रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।























