यह घटना Telangana के Sangareddy जिले में सामने आई।गुरुवार 29 जनवरी को प्राइमरी स्कूल में लंच के बाद बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।स्कूल में अफरातफरी मच गई।शिक्षकों ने तुरंत स्थिति संभाली।बच्चों को बिना देरी अस्पताल ले जाया गया।प्रशासन को जानकारी दी गई।इलाके में चिंता फैल गई।
बच्चों ने लंच में क्या खाया था?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बच्चों ने लंच में सांभर और चावल खाए थे।खाना खाने के कुछ समय बाद बच्चों को पेट दर्द होने लगा।कई बच्चों को उल्टी की शिकायत हुई।कुछ बच्चों को बेचैनी महसूस हुई।शिक्षकों ने स्थिति को गंभीर समझा।तुरंत अस्पताल ले जाने का फैसला लिया गया।स्कूल में लंच रोक दिया गया।
अस्पताल में बच्चों की हालत कैसी है?
डॉक्टरों के मुताबिक सभी 22 बच्चों की हालत स्थिर है।उन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया है।किसी भी बच्चे की स्थिति गंभीर नहीं है।डॉक्टरों ने कहा कि जल्द छुट्टी मिल सकती है।बच्चों की हालत में लगातार सुधार हो रहा है।माता-पिता ने राहत की सांस ली।स्कूल प्रशासन अस्पताल के संपर्क में है।
पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?
नारायणखेड़ के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोपहर में मिड-डे मील परोसा गया था।सांभर और चावल खाने के बाद 22 छात्र बीमार पड़ गए।उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।प्रशासन को सूचना दी गई है।हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।लापरवाही की जांच होगी।
बीमारी का कारण क्या हो सकता है?
प्राथमिक जांच में खाने से जुड़ी समस्या का शक जताया गया है।संभावना है कि भोजन में संक्रमण हो।मिड-डे मील के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।स्वास्थ्य विभाग भी मामले पर नजर रखे हुए है।पूरी जांच के बाद ही निष्कर्ष निकाला जाएगा।जिम्मेदारी तय की जाएगी।
आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं।मिड-डे मील की निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी होगा।आपूर्तिकर्ताओं की जांच की जाएगी।भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रक्रिया कड़ी की जाएगी।बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

























