होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा अब बड़ा संकट बन गया है।प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि यह रास्ता बंद होना मंजूर नहीं है।इससे भारत की सप्लाई प्रभावित होती है।तेल और गैस का बड़ा हिस्सा यहीं से आता है।अगर यह रास्ता बंद रहा तो असर गहरा होगा।सरकार इसको लेकर पूरी तरह सतर्क है।हर विकल्प पर काम हो रहा है।
क्यों चिंता में है भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मिडिल ईस्ट का संघर्ष गंभीर है।यह सिर्फ तीन देशों की लड़ाई नहीं है।इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।भारत भी इससे अछूता नहीं है।आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।सुरक्षा चुनौतियां भी सामने हैं।इसी वजह से सरकार अलर्ट मोड में है।
खाड़ी में भारतीयों की स्थिति
खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं।करीब एक करोड़ लोग वहां काम कर रहे हैं।प्रधानमंत्री ने उनकी सुरक्षा पर चिंता जताई।उन्होंने कहा कि सरकार लगातार संपर्क में है।खाड़ी देशों के नेताओं से बात हुई है।सभी ने सुरक्षा का भरोसा दिया है।सरकार हर स्थिति के लिए तैयार है।
कितने भारतीय लौटे अब तक
युद्ध जैसे हालात के बीच वापसी भी शुरू हुई है।करीब 3 लाख 75 हजार भारतीय वापस लौट चुके हैं।ईरान से भी लोगों को निकाला गया है।करीब 1000 भारतीयों की वापसी हुई है।इनमें 700 मेडिकल छात्र शामिल हैं।सरकार इस प्रक्रिया को जारी रखे हुए है।जरूरत पड़ी तो और कदम उठाए जाएंगे।
तेल सप्लाई पर कितना असर
होर्मुज स्ट्रेट से भारत को जरूरी चीजें मिलती हैं।कच्चा तेल, गैस और खाद इसी रास्ते से आता है।अब आवाजाही मुश्किल हो गई है।सप्लाई चेन पर असर दिखने लगा है।सरकार इसे रोकने की कोशिश कर रही है।ताकि आम लोगों तक असर कम पहुंचे।स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
LPG उत्पादन क्यों बढ़ाया गया
भारत में करीब 60 प्रतिशत LPG बाहर से आता है।अब इस सप्लाई में रुकावट आ रही है।इसी वजह से घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।सरकार ने यह फैसला तुरंत लिया है।ताकि गैस की कमी न हो।लोगों को परेशानी से बचाया जा सके।यह कदम हालात को संभालने के लिए अहम है।
क्या सरकार के पास आगे योजना
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि हमले मंजूर नहीं हैं।भारत कूटनीति के जरिए समाधान चाहता है।सरकार जहाजों की सुरक्षा पर काम कर रही है।भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश हो रही है।हर एजेंसी को अलर्ट पर रखा गया है।आने वाले समय में और फैसले हो सकते हैं।स्थिति अभी संवेदनशील बनी हुई है।

























