अप्रैल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया. सरकार और सेना पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया. तभी तय किया गया कि आतंक के ठिकानों को उनकी जमीन पर जाकर खत्म किया जाएगा. इसी फैसले से ऑपरेशन सिंदूर की नींव पड़ी.
क्या सेना ने पाकिस्तान के अंदर जाकर हमला किया
7 मई 2025 की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए. वीडियो में साफ दिखाया गया है कि यह हमला योजनाबद्ध और सीमित था. इसका मकसद सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाना था. सेना ने आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे इसका भी ध्यान रखा. हमलों के बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और गोलाबारी की गई. भारतीय सेना ने इन सभी ड्रोन को मार गिराया. सीमा के पास बने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. पाकिस्तान के एयर डिफेंस रडार और एयरबेस को नुकसान पहुंचाया गया. इससे पाकिस्तान की सैन्य क्षमता कमजोर हुई.
क्या इस ऑपरेशन में आतंकियों को बड़ा नुकसान हुआ
सेना के मुताबिक इन हमलों में सौ से ज्यादा आतंकी मारे गए. कई बड़े आतंकी अड्डे पूरी तरह तबाह कर दिए गए. इससे पाकिस्तान समर्थित आतंक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा. वीडियो में तबाही के दृश्य भी दिखाए गए हैं. सेना ने इस वीडियो को सिर्फ जानकारी के लिए नहीं बल्कि संदेश देने के लिए जारी किया है. वीडियो के अंत में साफ लिखा है कि भारत आतंक के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा. दुश्मनों को कायरता की कीमत चुकानी पड़ेगी. यह पाकिस्तान को सीधी चेतावनी मानी जा रही है.
क्या यह कार्रवाई संतुलित और जिम्मेदार थी
भारतीय सेना ने कहा कि यह ऑपरेशन सीमित और जिम्मेदार था. इसका मकसद युद्ध नहीं बल्कि आतंकवाद को जवाब देना था. भारत ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया. यही वजह है कि दुनिया ने भारत की कार्रवाई को समझा. यह ऑपरेशन बताता है कि अब भारत सिर्फ बचाव में नहीं रहेगा. आतंक का जवाब उसकी जड़ पर दिया जाएगा. सेना दिवस पर यह वीडियो दिखाकर भारत ने साफ कर दिया कि सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा.























