नई दिल्ली. भारत के साथ तनाव के बीच विश्व बैंक ने शुक्रवार को सिंधु जल संधि विवाद में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा, “विश्व बैंक भारत को अपना निर्णय बदलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। सिंधु जल संधि में हमारी भूमिका केवल मध्यस्थ की है।” दरअसल, पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने 23 अप्रैल को पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने कहा कि वह विश्व बैंक से भारत के फैसले को पलटने की अपील करेगा।
भारत-पाकि संघर्ष को ख़त्म करना हमारा काम नहीं है – वेंस
इस बीच भारत-पाकिस्तान विवाद को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि भारत-पाकिस्तान विवाद को खत्म करना उनका काम नहीं है। वेंस ने कहा कि हम दोनों देशों से हथियार डालने को नहीं कह सकते। पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने 77 भारतीय ड्रोन मार गिराए हैं। सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय हमलों में अब तक 31 लोग मारे गए हैं और 57 घायल हुए हैं।
विश्व बैंक ने पाकिस्तान को दिया झटका
विश्व बैंक ने सिंधु जल संधि मामले में पाकिस्तान को झटका दिया है। चेयरमैन अजय बंगा ने स्पष्ट किया कि विश्व बैंक इस विवाद में हस्तक्षेप नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई इस संधि में विश्व बैंक की भूमिका केवल मध्यस्थ की है। बैंक नवीनतम गतिरोध को सुलझाने में कोई भूमिका नहीं निभाएगा। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने इस संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पाक का तर्क- भारत सरकार पानी को हथियार बनाने पर तुली
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा कि भारत सरकार पानी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच स्पष्ट व्यवस्था रही है, लेकिन भारत सरकार पानी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने पर आमादा है। प्रवक्ता ने कहा कि सिंधु जल संधि को निलंबित रखना एकतरफा और अवैध है, संधि में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। ऐसी स्थिति में भारत की कार्रवाई से पता चलता है कि वह अंतर्राष्ट्रीय संधियों का सम्मान नहीं करता है। उन्होंने कहा कि भारत का फैसला पाकिस्तान की जनता और उसकी अर्थव्यवस्था पर हमला है।
पाकिस्तान का दावा- पारंपरिक युद्ध में हम भारत से बेहतर हैं
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि पांच भारतीय विमानों और 77 ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराने के बाद यह साबित हो गया है कि पारंपरिक युद्ध में पाकिस्तान भारत से बेहतर है। उन्होंने कहा – पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण देश है, लेकिन किसी भी हमले से खुद की रक्षा करना हमारा कानूनी और नैतिक अधिकार है। पाकिस्तान ने इस अधिकार का जिम्मेदारी से प्रयोग किया है और आगे भी करता रहेगा।























