प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक फरवरी को पंजाब आ रहे हैं। गुरु रविदास जयंती के मौके पर वे जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में माथा टेकेंगे। तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
पंजाब के लिए यह दौरा अचानक क्यों अहम हो गया?
पंजाब की राजनीति में इस समय हलचल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक फरवरी को जालंधर पहुंच रहे हैं। यह दौरा सिर्फ सरकारी नहीं है। धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर डेरा सचखंड बल्लां में माथा टेकना बड़ा संदेश माना जा रहा है। प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
डेरा सचखंड बल्लां की अहमियत क्या है?
डेरा सचखंड बल्लां गुरु रविदास जी की विचारधारा का बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं। समानता और मानवता का संदेश यहीं से दिया जाता है। गुरु रविदास जी ने जाति से ऊपर उठकर जीवन जीने की सीख दी। इसलिए यह डेरा धार्मिक के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी बेहद अहम है।
प्रधानमंत्री यहां आकर क्या संदेश दे सकते हैं?
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी गुरु रविदास जी के जीवन और उनके विचारों को नमन करेंगे। सामाजिक समरसता और भाईचारे की बात कर सकते हैं। युवाओं को उनके विचारों से जोड़ने की अपील भी संभव है। यह दौरा प्रतीकात्मक संदेशों से भरा हो सकता है।
संत निरंजन दास जी की भूमिका क्यों अहम है?
डेरा सचखंड बल्लां के संत निरंजन दास जी महाराज इस आयोजन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें पहले पद्मश्री सम्मान मिल चुका है। उनके नेतृत्व में डेरा सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहा है। इससे डेरा की राष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री का आना इस महत्व को और बढ़ाता है।
राजनीतिक रूप से इस दौरे के क्या मायने हैं?
रविदास समाज पंजाब में बड़ी संख्या में है। प्रधानमंत्री का इस तरह डेरा पहुंचना राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है। भाजपा नेता इसे समाज से सीधा संवाद बता रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले समय से जोड़कर देखा जा रहा है।
दौरे की पुष्टि किसने की?
इस दौरे की पुष्टि भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील रिंकू ने की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गुरु रविदास जयंती पर खास तौर पर जालंधर आएंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने इसे प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि इससे सामाजिक एकता मजबूत होगी।
सुरक्षा और प्रशासन कितने तैयार हैं?
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर जालंधर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं। केंद्रीय एजेंसियां पहले ही पंजाब पहुंच चुकी हैं। कार्यक्रम स्थल पर कड़ी सुरक्षा होगी। ट्रैफिक और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों और रविदास समाज में खास उत्साह है।























