National New: रविवार को पुणे जिले के मावल तहसील के कुंदमाला इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब इंद्रायणी नदी पर बना पुराना लोहे का पुल अचानक ढह गया। इस दुखद घटना में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के लापता होने की आशंका है। हादसा दोपहर साढ़े तीन से साढ़े चार बजे के बीच हुआ, उस समय पुल पर बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे।
पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने बताया कि अब तक 38 लोगों को बचाया गया है, जिनमें से 30 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि छह गंभीर रूप से घायल हैं। घटनास्थल पर एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं और लगातार तलाशी और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
पुराना, जंग लगा पुल भीड़ के दबाव में ढहने का संदेह
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि पुल पुराना और जंग लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि पुल पर अचानक भीड़ जमा हो जाने के कारण संरचनात्मक विफलता के कारण पुल ढह गया होगा।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “पुणे जिले के तालेगांव के पास इंदौरी में इंद्रायणी नदी पर पुल ढहने की खबर से बहुत दुख हुआ। मैं मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।” इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री फडणवीस से बात की और स्थिति की जानकारी ली तथा चल रहे बचाव कार्यों की जानकारी ली।
15 लोग अभी भी लापता, तलाश तेज
पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, करीब 10 से 15 लोगों के लापता होने की आशंका है। अब तक 5 से 6 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन नदी का तेज बहाव और दिन का कम होते उजाला बचाव प्रयासों के लिए चुनौती बन गया है। घटनास्थल का दौरा करने वाले एनसीपी विधायक सुनील शेलके ने कहा, “यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है जिसमें दो पर्यटकों की जान चली गई है। हम राहत कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल हैं।”
एनडीआरएफ और पुलिस का संयुक्त अभियान
डीसीपी विशाल गायकवाड़ (जोन 2, पिंपरी-चिंचवाड़) ने बताया कि एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मिलकर चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक तीन लोगों को नदी से जिंदा बचा लिया गया है।

























