पंजाब के संगरूर जिले के धूरी शहर में बड़ा स्वास्थ्य प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। यहां नया सब-डिविजनल अस्पताल लोगों को समर्पित किया गया। इस अस्पताल के साथ माता-शिशु स्वास्थ्य केंद्र भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसका उद्घाटन किया। सरकार का कहना है कि यह क्षेत्र के लिए बड़ी सुविधा है। इससे शहर के साथ आसपास के गांवों को भी लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में इसे अहम कदम बताया जा रहा है।
क्या 70 गांवों को मिलेगा फायदा
सरकार के अनुसार यह अस्पताल सिर्फ धूरी शहर के लिए नहीं है। आसपास के लगभग 70 गांवों के लोग भी यहां इलाज करा सकेंगे। इससे हजारों लोगों को अपने घर के पास स्वास्थ्य सेवा मिलेगी। पहले मरीजों को इलाज के लिए दूर शहरों में जाना पड़ता था। अब यह जरूरत काफी कम हो जाएगी। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। ग्रामीण इलाकों के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या 21.65 करोड़ में बना प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह स्वास्थ्य परियोजना करीब 21.65 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई है। अस्पताल का पूरा परिसर लगभग 73 हजार वर्ग फुट में फैला हुआ है। यहां आधुनिक भवन और नई सुविधाएं तैयार की गई हैं। अस्पताल में ओपीडी और इनडोर दोनों तरह की सेवाएं मिलेंगी। इसके अलावा इमरजेंसी सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। सरकार का कहना है कि इससे सेकेंडरी हेल्थकेयर सिस्टम मजबूत होगा।
क्या 80 बिस्तरों का बना अस्पताल
धूरी का यह अस्पताल पहले 1978 में शुरू हुआ था। उस समय यहां केवल 30 बिस्तर थे। बाद में इसे बढ़ाकर 50 बिस्तरों तक किया गया। अब इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ 80 बिस्तरों वाले अस्पताल में बदल दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की नीति का हिस्सा है। इससे मरीजों को ज्यादा जगह और बेहतर इलाज मिलेगा। यह विस्तार इलाके की जरूरत को देखते हुए किया गया है।
क्या मिलेंगी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
अस्पताल में कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। यहां 13 ओपीडी कमरे बनाए गए हैं। इसके अलावा इमरजेंसी ब्लॉक और दो रजिस्ट्रेशन काउंटर भी बनाए गए हैं। बड़ी और छोटी सर्जरी के लिए सात ऑपरेशन थिएटर तैयार किए गए हैं। जांच के लिए तीन आधुनिक लैब मौजूद हैं। ईसीजी, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इससे मरीजों को एक ही जगह पर कई सेवाएं मिल सकेंगी।
क्या मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी
अस्पताल में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की गई है। यहां 12 निजी कमरे बनाए गए हैं। इसके अलावा छह जनरल वार्ड भी तैयार किए गए हैं। अस्पताल में एक पूरा दवा भंडार भी मौजूद है। मरीजों की देखभाल के लिए 11 नर्स स्टेशन बनाए गए हैं। भवन में दो लिफ्ट भी लगाई गई हैं। ताकि मरीजों और स्टाफ को आने-जाने में आसानी हो सके।
क्या माताओं बच्चों पर खास ध्यान
सरकार ने इस परियोजना में माता-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर खास जोर दिया है। यहां गर्भवती महिलाओं की जांच और इलाज की सुविधा होगी। सामान्य और सिजेरियन दोनों तरह की डिलीवरी यहां कराई जा सकेगी। नवजात बच्चों की देखभाल के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ और प्रशिक्षित स्टाफ यहां तैनात रहेंगे। सरकार का कहना है कि कोई भी परिवार पैसे की कमी से इलाज से वंचित नहीं रहेगा।

























