क्या यह सिर्फ घोषणा भर है?
पंजाब में सेहत को लेकर सालों से वादे होते रहे। जमीन पर बदलाव कम दिखा। लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई लगती है। मोहाली से योजना की औपचारिक शुरुआत की गई। मंच से साफ कहा गया कि यह कागजी योजना नहीं है। हर परिवार को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इलाज के लिए कोई शर्त नहीं होगी। अमीर गरीब का फर्क नहीं किया जाएगा। सरकार ने जिम्मेदारी खुद ली है। लोगों को भरोसा दिलाया गया कि योजना स्थायी है।
इस योजना की असली ताकत क्या है?
योजना के तहत हर परिवार को साल में दस लाख रुपये तक इलाज मिलेगा। पूरा इलाज कैशलेस होगा। सरकारी के साथ निजी अस्पताल भी इसमें शामिल हैं। मरीज को जेब से पैसा नहीं देना पड़ेगा। अस्पताल में पहुंचते ही इलाज शुरू होगा। जांच और दवाएं भी मुफ्त मिलेंगी। सिर्फ हेल्थ कार्ड दिखाना होगा। छोटी बीमारी से लेकर बड़े ऑपरेशन तक कवर मिलेगा। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
इसे ऐतिहासिक कदम क्यों कहा गया?
सरकार का दावा है कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा फैसला हुआ है। अब तक इलाज आम आदमी की पहुंच से बाहर रहा। बीमारी आते ही परिवार टूट जाता था। लोग जमीन बेचते थे। कर्ज लेते थे। अब यह डर खत्म होगा। सरकार ने साफ कहा कि सेहत कोई सुविधा नहीं है। यह हर नागरिक का अधिकार है। इसी सोच ने इस योजना को ऐतिहासिक बना दिया है।
गांव और गरीब को क्या बदलेगा?
पहले गांव के मरीज बड़े अस्पताल से डरते थे। पैसे सबसे बड़ी रुकावट थे। अब किसान भी बड़े अस्पताल में इलाज करा सकेगा। मजदूर और रेहड़ी वाला भी निजी अस्पताल जा पाएगा। पैसे की वजह से इलाज नहीं रुकेगा। बुजुर्गों को अब चिंता नहीं रहेगी। परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। यही बदलाव की असली तस्वीर है।
अस्पताल और डॉक्टरों में क्या सुधार हुआ?
पिछले कुछ समय में सरकारी अस्पतालों में बदलाव दिखा है। नए डॉक्टरों की भर्ती हुई है। मशीनें चालू की गई हैं। दवाओं की उपलब्धता बढ़ी है। मोहल्ला और पिंड क्लीनिक नियमित खुले रहते हैं। सरकार का कहना है कि यह शुरुआत है। आगे और सुधार किए जाएंगे। लक्ष्य साफ है। सरकारी अस्पतालों पर भरोसा वापस लाना।
सेहत को राजनीति से कैसे दूर रखा गया?
इस योजना में किसी तरह का भेद नहीं है। जाति धर्म पार्टी कुछ नहीं देखा जाएगा। सरकारी कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं। विपक्ष समर्थक भी लाभ ले सकते हैं। सरकार ने कहा कि बीमारी किसी को देखकर नहीं आती। इसलिए इलाज भी सबका होगा। यही सोच इस योजना को खास बनाती है। सेहत को राजनीति से ऊपर रखा गया है।
क्या पंजाब के लिए यह नया दौर है?
सरकार मानती है कि मजबूत सेहत से मजबूत समाज बनता है। जब इलाज का डर नहीं रहेगा तो लोग आगे की सोचेंगे। बच्चे पढ़ाई पर ध्यान देंगे। युवा भविष्य बनाएंगे। सेहत शिक्षा और रोजगार को साथ जोड़ा जा रहा है। यही मॉडल पंजाब को आगे बढ़ाएगा। योजना से उम्मीद जगी है। अब नजर इसके ईमानदार अमल पर टिकी है।























