मोहाली के माणिकपुर गांव की रहने वाली सुखविंदर कौर के लिए एक दिन अचानक मुश्किलों से भर गया। उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। परिवार घबरा गया और तुरंत अस्पताल ले गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि दिल में गंभीर रुकावट है। डॉक्टरों ने कहा कि तुरंत स्टेंट डालना जरूरी है। इलाज का खर्च तीन से चार लाख रुपये बताया गया। इतना बड़ा खर्च किसी भी सामान्य परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन सकता था।
क्या सरकारी योजना समय पर सहारा बनी
अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि सुखविंदर कौर मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र हैं। इसके बाद इलाज की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई। परिवार को पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ी। पूरा इलाज कैशलेस तरीके से किया गया। डॉक्टरों ने सफल सर्जरी कर दिल में स्टेंट डाला। इलाज के बाद उनकी हालत धीरे धीरे सुधरने लगी। इससे परिवार को बड़ी राहत मिली।
क्या कैशलेस इलाज से मिला बड़ा आराम
इस योजना के तहत हर परिवार को साल में दस लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है। सुखविंदर कौर का इलाज भी इसी व्यवस्था के तहत हुआ। उन्हें एक हफ्ते तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। इलाज के बाद उनकी सेहत में तेजी से सुधार आया। डॉक्टरों ने उन्हें स्वस्थ हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी। परिवार के लिए यह एक बड़ी राहत का पल था। क्योंकि उन्हें भारी कर्ज लेने से बचाव मिल गया।
क्या पंजाब में बदल रही स्वास्थ्य व्यवस्था
पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर धीरे धीरे बदल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने कई नई योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना को सबसे अहम पहल माना जा रहा है। इस योजना से गरीब और मध्यम वर्ग को सीधी मदद मिल रही है। सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिल रही है। इससे लोगों का भरोसा भी लगातार बढ़ रहा है।
क्या लाखों लोगों तक पहुंची यह योजना
पंजाब में अब तक नौ लाख से ज्यादा सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यह कार्ड लोगों के लिए इलाज की चाबी बन गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सत्तर प्रतिशत से ज्यादा मरीज इस योजना से लाभ ले रहे हैं। कई महंगे ऑपरेशन भी अब इस योजना में शामिल हैं। दिल कैंसर और किडनी जैसी बीमारियों का इलाज भी इसमें होता है। इससे आम लोगों की बड़ी चिंता कम हुई है।
क्या सरकार ने योजना के लिए धन दिया
पंजाब सरकार ने इस योजना को मजबूत रखने के लिए बड़ी राशि जारी की है। हाल ही में बीमा कंपनी को पांच सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे अस्पतालों को भुगतान समय पर मिल सकेगा। मरीजों को कैशलेस इलाज में कोई परेशानी नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर सिंह ने कहा कि पैसा कभी इलाज में बाधा नहीं बनना चाहिए। यही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
क्या लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा
सुखविंदर कौर के परिवार ने भावुक होकर सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अगर यह योजना नहीं होती तो उन्हें कर्ज लेना पड़ता। इलाज के लिए बड़ी रकम जुटाना बहुत कठिन था। अब वे बिना किसी आर्थिक चिंता के मरीज की देखभाल कर पा रहे हैं। पंजाब में यह योजना धीरे धीरे हर घर तक पहुंच रही है। लोग इसे एक भरोसेमंद सहारे की तरह देखने लगे हैं।

























