पंजाब की खेती लंबे समय से गेहूं और धान के भरोसे चल रही है। इस एकतरफा खेती ने भूजल को गहरी चोट पहुंचाई है। कई जिलों में पानी का स्तर तेजी से नीचे जा चुका है। सरकार मानती है कि अगर यही ढांचा चलता रहा तो खेती संकट में आ जाएगी। इसी कारण बागवानी को मजबूत विकल्प के तौर पर आगे लाया जा रहा है। फल और सब्जियों की खेती कम पानी में होती है। इससे किसान और पर्यावरण दोनों को फायदा मिलता है।
मुख्यमंत्री मान की सोच क्या है?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार खेती में स्थायी बदलाव चाहती है। सरकार का फोकस सिर्फ फसल बदलने पर नहीं है। मकसद किसानों की आय को लंबे समय तक सुरक्षित करना है। बागवानी को रोजगार और आमदनी का साधन माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि किसान जोखिम से बाहर निकलें। इसी सोच के तहत सब्सिडी योजनाएं लागू की गई हैं।
किसानों को कितनी सब्सिडी मिलेगी?
राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसानों को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। यह सहायता नए बाग लगाने पर मिलती है। फलदार पौधों की रोपाई और सब्जी उत्पादन भी इसमें शामिल है। नर्सरी विकास को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। शुरुआती खर्च कम होने से किसान बिना डर आगे बढ़ सकते हैं। यह योजना छोटे किसानों के लिए खास मानी जा रही है।
गेहूं धान चक्र से कैसे निकलेगा पंजाब?
धान की खेती सबसे ज्यादा पानी मांगती है। यही वजह है कि भूजल तेजी से खत्म हुआ है। बागवानी फसलें पानी की बचत करती हैं। साथ ही जमीन की सेहत भी सुधरती है। सरकार मानती है कि यही रास्ता खेती को संतुलित बनाएगा। फसल विविधीकरण से जोखिम भी कम होगा। इससे पंजाब की खेती नई दिशा में जा सकती है।
आमदनी और पर्यावरण दोनों को क्या लाभ?
फल और सब्जियों की बाजार में अच्छी कीमत मिलती है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ सकती है। बागवानी फसलें मिट्टी को भी नुकसान नहीं पहुंचातीं। पानी की खपत कम होने से भूजल बचता है। इस तरह यह खेती का टिकाऊ मॉडल बनता है। सरकार इसे दोहरा फायदा मान रही है। किसान और प्रकृति दोनों सुरक्षित होते हैं।
आवेदन करना कितना आसान है?
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा है। किसान अपने जिले के बागवानी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। विभाग का फील्ड स्टाफ पूरी मदद करेगा। पात्रता और दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी। कोशिश है कि कोई किसान जानकारी के अभाव में वंचित न रहे। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा किसान आगे आएं।
सरकार ने किसानों से क्या अपील की?
बागवानी मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि बागवानी भविष्य की खेती है। इससे आमदनी भी बढ़ेगी और पानी भी बचेगा। सरकार सब्सिडी समय पर देने के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह पंजाब की खेती को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

























