मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों का अपग्रेड अब समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। उन्होंने साफ कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज और सटीक मेडिकल टेस्ट तक आसान पहुंच मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था उन्नत जांच और उपचार सुविधाओं की मांग करती है। समय पर सुधार नहीं होने से सरकारी अस्पताल बढ़ती मरीज संख्या का सामना नहीं कर सकते। यह फैसला सरकार की सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। जोर दिखावे पर नहीं, नतीजों पर है।
कितनी राशि मंजूर हुई और इसका उपयोग किस लिए होगा?
मुख्यमंत्री ने ढांचागत सुधार और उपकरणों के अपग्रेड के लिए तुरंत Rs 68.98 करोड़ जारी करने के आदेश दिए। यह राशि विश्व स्तरीय आधुनिक मेडिकल मशीनरी की खरीद में खर्च की जाएगी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज परिसरों में विकास कार्य भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धन का उपयोग केवल मरीजों की देखभाल और जांच सुविधाओं को बेहतर बनाने में हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि देरी या धन के दुरुपयोग को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लक्ष्य जमीन पर साफ बदलाव दिखाना है।
किन मेडिकल कॉलेजों को यह फंड मिलेगा?
स्वीकृत योजना के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर को Rs 26.53 करोड़ मिलेंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला के लिए Rs 28.51 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। एस.ए.एस. नगर मोहाली स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को Rs 9.43 करोड़ मिलेंगे। इसके अलावा फिरोजपुर स्थित पीजीआई सैटेलाइट सेंटर को Rs 4.51 करोड़ दिए जाएंगे। इन संस्थानों का चयन मरीजों की संख्या और क्षेत्रीय महत्व के आधार पर किया गया है। सरकार का उद्देश्य पूरे पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं का संतुलन बनाना है।
मरीजों को क्या बदलाव महसूस होंगे?
आधुनिक जांच और उपचार उपकरण लगने से मरीजों को तेज और अधिक सटीक सेवाएं मिलेंगी। उन्नत टेस्टिंग सुविधाओं से निजी लैब्स पर निर्भरता कम होगी। आम नागरिकों के इलाज का खर्च घटने की भी संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सस्ता लेकिन उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिलना चाहिए। अपग्रेड का मकसद इंतजार का समय घटाना और इलाज के नतीजों को बेहतर बनाना है। इससे मरीजों को भरोसा और सम्मान दोनों मिलेगा।
इस निवेश से मेडिकल शिक्षा को कैसे लाभ होगा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पहचान हमेशा से उच्च स्तर के डॉक्टर तैयार करने वाले राज्य के रूप में रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को विश्व स्तरीय वातावरण मिलना चाहिए। नई मशीनों और तकनीक से छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। यह अनुभव उनके पेशेवर विकास के लिए बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि मजबूत मेडिकल शिक्षा भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूत बनाती है। यह निवेश तुरंत और दीर्घकालिक दोनों तरह के लाभ देगा।
सरकार ने काम पूरा करने के लिए क्या समयसीमा तय की है?
मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि सभी अपग्रेड कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को वर्षों तक फायदे का इंतजार नहीं करना चाहिए। प्रगति पर नजर रखने के लिए निगरानी तंत्र बनाया जाएगा। अधिकारियों को हर स्तर पर गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस परियोजना की पहचान गति और जवाबदेही से होगी।
इस कदम के पीछे सरकार की बड़ी सोच क्या है?
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार का अंतिम लक्ष्य पंजाब को मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का अग्रणी केंद्र बनाना है। सार्वजनिक संस्थानों में बड़े निवेश के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में असमानता कम की जाएगी। उन्होंने कहा कि मजबूत सरकारी अस्पताल ही एक कल्याणकारी राज्य की नींव होते हैं। यह पहल नागरिकों की भलाई के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह साफ संकेत है कि स्वास्थ्य सुधार सरकार के एजेंडे का केंद्रीय हिस्सा है।

























