पंजाब सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य में आने वाले बाहर के खनन ट्रकों पर एंट्री फीस लगाने का फैसला किया है। यह फीस हिमाचल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से आने वाले ट्रकों पर लागू होगी। लंबे समय से बिना शुल्क के आ रहे इन ट्रकों से पंजाब को राजस्व का नुकसान हो रहा था। अब यह नीति अवैध खनन और चोरी पर सख्ती से लगाम लगाएगी। इससे स्थानीय खदान मालिकों को भी राहत मिलेगी।
राजस्व और उद्योग को सहारा
बिना वैध शुल्क के आने वाले ट्रकों की वजह से पंजाब सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस नुकसान की भरपाई अब नई एंट्री फीस से होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम न केवल राजस्व को मज़बूत करेगा बल्कि स्थानीय खनन उद्योग और क्रशिंग यूनिट्स को भी सुरक्षा देगा। अब कारोबारियों को ईमानदारी से काम करने का पूरा अवसर मिलेगा।
तकनीक से होगी निगरानी
सरकार इस एंट्री फीस से जुटाई गई रकम से चेक-पोस्ट्स को आधुनिक बनाएगी। इसमें ANPR कैमरे, क्यूआर-कोड वाले पास और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। हर ट्रक को फीस जमा करने के बाद डिजिटल रसीद दी जाएगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं रहेगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही की गारंटी देगी।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
अवैध खनन से नदियों, पहाड़ियों और मिट्टी का अत्यधिक नुकसान हो रहा था। नई नीति से इस अंधाधुंध दोहन पर रोक लगेगी। सरकार का कहना है कि एंट्री फीस से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल सड़क सुधार, हरित परियोजनाओं और ग्रामीण ढांचे के विकास में किया जाएगा। इससे राज्य के विकास और पर्यावरण दोनों को मज़बूती मिलेगी।
मज़दूरों और कारोबारियों को राहत
वैध खनन करने वाले मजदूर और कारोबारी सालों से अनुचित प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे थे। नई पॉलिसी उनके लिए बड़ी राहत है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि अब ईमानदारी से काम करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे खनन क्षेत्र में स्थिरता और भरोसा लौटेगा।
सरकार का सख़्त संदेश
मुख्यमंत्री ने इस नीति के ज़रिए साफ़ कर दिया है कि अब पंजाब में अवैध खनन और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम दिखाता है कि मान सरकार कठिन फैसले लेने से पीछे नहीं हटती। यह प्रशासनिक सुधार का ऐसा मॉडल है जो जनता के हितों और पारदर्शिता दोनों को प्राथमिकता देता है।
पारदर्शिता के नए युग की शुरुआत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह इंटर-स्टेट माइनिंग ट्रक एंट्री फीस पॉलिसी पंजाब की खनन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। यह खनिज संसाधनों की रक्षा करेगी, स्थानीय उद्योगों और मजदूरों को सहारा देगी और पर्यावरण की सुरक्षा करेगी। इस नीति से पंजाब में शासन का नया युग शुरू हो चुका है — पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी का युग।

























