पंजाब न्यूज. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि यह अभियान केवल चंदा इकट्ठा करने का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे की पहचान है। लोग अपना पैसा सरकार पर नहीं, अपने राज्य के भविष्य पर लगा रहे हैं। बाढ़, संकट या आर्थिक परेशानी — हर हाल में पंजाबियों ने एक-दूसरे का साथ दिया है। यही एकता अब विकास की नई कहानी लिख रही है, जो बताती है कि जनता पर भरोसा ही असली पूंजी है।
क्या अब जनता खुद आगे बढ़ रही है?
शहरों से लेकर गांवों तक हर वर्ग इस मिशन से जुड़ रहा है। व्यापारी हों या किसान, विद्यार्थी हों या प्रोफेशनल — सभी लोग खुलकर योगदान दे रहे हैं। लोगों को महसूस हो गया है कि अगर राज्य को बदलना है तो पहल खुद करनी होगी। यह सोच अब पंजाब को आत्मनिर्भरता की राह पर ले जा रही है, जहां लोग सरकार का इंतज़ार नहीं करते, बल्कि खुद बदलाव का हिस्सा बनते हैं।
क्या नेता भी प्रेरणा दे रहे हैं?
मंत्रियों ने खुद आगे बढ़कर योगदान की मिसाल दी है। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने ₹56.52 लाख, लालजीत सिंह भुल्लर ने ₹28.81 लाख और डॉ. बलबीर सिंह ने ₹12.48 लाख का योगदान दिया। ये आंकड़े सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि भरोसे, जिम्मेदारी और सेवा भाव का प्रतीक हैं। इससे यह साफ है कि जब नेता और जनता साथ खड़े हों, तो बदलाव रुक नहीं सकता।
क्या गांव भी विकास की मिसाल हैं?
गांवों में भी मिशन चढ़ती कला की गूंज है। किसान, मजदूर और आम लोग अपनी मेहनत की कमाई से पंजाब के विकास में सहयोग दे रहे हैं। गांवों के युवाओं ने तो अपने सोशल ग्रुप बनाकर फंड इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। इस भागीदारी ने दिखा दिया कि पंजाब की असली ताकत शहर नहीं, बल्कि उसके गांव हैं, जहां से नई ऊर्जा निकल रही है।
क्या पारदर्शिता ने भरोसा बढ़ाया है?
सरकार ने दान में मिले हर रुपये का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खर्च की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी ताकि कोई सवाल न उठे। यह पारदर्शी तरीका जनता का भरोसा और गहरा बना रहा है। लोग अब न सिर्फ पैसा दे रहे हैं बल्कि यह भी जान रहे हैं कि उनका योगदान कहां इस्तेमाल हो रहा है।
क्या मिशन अब आंदोलन बन चुका है?
‘मिशन चढ़ती कला ’ अब सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। पंजाब के लोग इसे अपने आत्मसम्मान और भविष्य की उम्मीद से जोड़ चुके हैं। सोशल मीडिया पर भी युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक इस अभियान को प्रमोट कर रहे हैं। यह जागरूकता बताती है कि अब पंजाब का समाज अपने हक और विकास के लिए खुद खड़ा हो गया है।
क्या नया पंजाब अब तैयार है?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह मिशन अब रुकने वाला नहीं। हर पंजाबी इसमें शामिल होकर राज्य के पुनर्निर्माण की कहानी लिख रहा है। चाहे दान छोटा हो या बड़ा, हर योगदान पंजाब के दिल से जुड़ा है। अब लोग कह रहे हैं — “यह सरकार नहीं, यह हमारा पंजाब है।” यही भावना ‘मिशन चढ़ती कला’ की असली जीत है।

























