पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि यह मेले सभी जिलों के खजाना कार्यालयों में लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि राज्य के सभी पेंशनर्स को एक ही जगह पर डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी जा सके। सरकार चाहती है कि हर पेंशनर आसानी से ऑनलाइन पंजीकरण कर पाए और उसे पेंशन से जुड़ी सारी सेवाएं घर बैठे मिलें। इससे बुजुर्गों को बैंक या दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्या है नया पेंशनर सेवा पोर्टल?
राज्य सरकार ने 3 नवंबर को एक नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है — *पेंशनर सेवा पोर्टल (https://pensionersewa.punjab.gov.in)*। इस पोर्टल पर पेंशनर्स अपनी सभी पेंशन सेवाओं को एक ही जगह एक्सेस कर सकते हैं। सबसे जरूरी है ई-केवाईसी प्रक्रिया, जिसके बिना पंजीकरण पूरा नहीं होगा। सरकार ने यह कदम डिजिटल पारदर्शिता और सुविधा के लिए उठाया है ताकि बुजुर्गों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी पोर्टल पर?
इस पोर्टल पर शुरुआत में छह मुख्य सेवाएं दी जाएंगी। इनमें मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना, परिवारिक पेंशन के लिए आवेदन, यात्रा भत्ता के लिए आवेदन, शिकायत दर्ज करना, और पेंशनर की व्यक्तिगत जानकारी को अपडेट करना शामिल है। “जीवन प्रमाण” ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिससे यह प्रक्रिया और आसान हो जाती है।
कैसे होगी ई-केवाईसी और पंजीकरण प्रक्रिया?
ई-केवाईसी पूरी करने के लिए पेंशनर्स को अपने आधार कार्ड से प्रमाणीकरण करना होगा। इसके बाद वे अपने मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप से पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं। एक बार रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाने के बाद, पेंशनर्स घर बैठे अपनी पेंशन, आवेदन और शिकायतों की स्थिति देख सकते हैं। यह सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली है, जिससे बुजुर्ग भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या ऑफलाइन सुविधा भी मिलेगी?
जी हां, जो पेंशनर्स डिजिटल सेवा का इस्तेमाल नहीं कर सकते, उनके लिए सरकार ने ऑफलाइन विकल्प भी दिया है। वे अपने नजदीकी सेवा केंद्रों, जिला खजाना कार्यालयों या पेंशन देने वाले बैंकों में जाकर सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, सरकार ने होम डिलीवरी सेवा भी शुरू की है, जिससे पेंशनर्स अपने घर से ही सेवा का लाभ ले सकते हैं।
क्या बनी है शिकायतों के समाधान की व्यवस्था?
सरकार ने पेंशनर पोर्टल के लॉन्च के बाद उत्पन्न होने वाली शिकायतों के समाधान के लिए एक “वार रूम” बनाया है। यह वार रूम ट्रेजरी एंड अकाउंट्स डायरेक्टोरेट में स्थापित किया गया है। इसके साथ ही तीन हेल्पलाइन नंबर — 18001802148, 01722996385 और 01722996386 — जारी किए गए हैं। पेंशनर्स इन नंबरों पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक किसी भी कार्यदिवस पर संपर्क कर सकते हैं।
क्या कह रहे हैं वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा?
चीमा ने कहा कि “यह पहल राज्य के हर पेंशनर को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” उन्होंने पेंशनर्स से अपील की कि वे मेले में जरूर शामिल हों और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर अपने खातों को अपडेट करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पेंशनर्स की सुविधा के लिए हर संभव कदम उठा रही है ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।























