बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बादल के बयान की आलोचना की।उन्होंने कहा कि ड्रग्स पर दिया बयान वास्तविकता से दूर है।पन्नू ने अकाली शासन को जिम्मेदार बताया।जनता को पुराना दौर याद दिलाया गया।राजनीतिक माहौल गरमाया।दोनों पक्षों में बयानबाजी बढ़ी।मामला कानून व्यवस्था से जुड़ गया।
क्या चिट्टा और गैंगस्टरवाद मुद्दा?
पन्नू ने आरोप लगाया कि चिट्टा अकाली शासन में फैला।अपराधियों को सुरक्षा मिलने की बातें कही गईं।राजनीतिक सहयोग के आरोप लगे।गैंगस्टर शब्द उसी दौर में चर्चित हुआ बताया गया।जनता में चर्चा बढ़ी।राजनीतिक बहस तेज हुई।मामला सुर्खियों में आया। नाभा जेल ब्रेक का मुद्दा उठाया गया।अपराधियों को सहारा किसने दिया सवाल पूछा गया।फरीदकोट अपहरण मामला भी सामने आया।अपराधियों के खुले घूमने की बात कही गई।मामले फिर चर्चा में आए।राजनीतिक टकराव बढ़ा।दोषारोपण तेज हुआ।
क्या नशा युवाओं को प्रभावित?
पन्नू ने कहा कि 2012 के बाद नशा बढ़ा।युवाओं के प्रभावित होने का दावा किया।तस्करों को छुड़ाने के आरोप लगाए।पुलिस कार्रवाई कमजोर बताई गई।इसे बड़ी समस्या कहा गया।जनता की पीड़ा का जिक्र हुआ।मामला बहस बना।
क्या मान सरकार अलग?
पन्नू ने कहा कि मान सरकार नशे के खिलाफ काम कर रही है।गांव स्तर पर समितियां बनाने का दावा किया।पुलिस सक्रियता की बात कही गई।सरकारी नीतियों की सराहना की।सुधार की कोशिश बताई गई।अभियान तेज बताया गया।तुलना सामने आई।
क्या बेअदबी और गोलीकांड चर्चा?
बरगाड़ी बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड का जिक्र हुआ।प्रदर्शनकारियों पर गोली चलने की बात कही गई।बादल पर निशाना साधा गया।धार्मिक मुद्दे चर्चा में आए।विवाद बढ़ा।जनता में बहस तेज हुई।राजनीतिक तनाव बढ़ा।
क्या जनता सब याद रखती?
पन्नू ने कहा कि जनता सब याद रखती है।दस साल के काम पर सवाल उठाए गए।चिट्टा फैलने पर जवाब मांगा गया।पंजाब सच्चाई जानता है कहा गया।बयानबाजी जारी रही।जनता के फैसले पर भरोसा जताया गया।मामला चुनावी बहस बन गया।
























