अब पंजाब की सरकारी बसों में टिकट लेना उतना ही आसान होगा जितना मोबाइल रिचार्ज करना. कंडक्टर के पास डिजिटल मशीन होगी. यात्री यूपीआई, क्यूआर कोड या कार्ड से पैसा दे सकेंगे. टिकट तुरंत प्रिंट होगा. कैश गिनने की जरूरत नहीं रहेगी. इससे सफर तेज होगा और भीड़ कम होगी. गांव से शहर तक एक ही सिस्टम लागू होगा.
इन मशीनों में जीपीएस लगा होगा. सरकार को हर बस की लाइव लोकेशन मिलेगी. यात्रियों को पता चलेगा कि बस कितनी दूर है. रूट और स्टॉप की जानकारी भी मिलेगी. इससे गलतफहमी खत्म होगी. देरी और शिकायतें कम होंगी.
क्या महिलाएं और छात्र पहले जैसी सुविधा पाएंगे
महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना बंद नहीं होगी. उनके लिए स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे. छात्र भी अपना अलग कार्ड पाएंगे. यह कार्ड मोबाइल से रिचार्ज होगा. पहचान आसान होगी और फर्जी टिकटिंग रुकेगी. सरकार चाहती है कि असली लाभ सही लोगों को मिले.यात्री ऐप में देख सकेंगे कि कौन सी बस कब आ रही है. सीट खाली है या नहीं. कहां से कहां जाना है. स्मार्ट कार्ड भी इसी ऐप से रिचार्ज होगा. पर्यटक भी यही कार्ड इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे पंजाब का ट्रांसपोर्ट सिस्टम नए जमाने में पहुंचेगा.
क्या सरकार को इससे पैसों की सही जानकारी मिलेगी
हर टिकट का डेटा सीधे सिस्टम में जाएगा. कितने लोग सफर कर रहे हैं. कितना किराया आया. कहां बस ज्यादा चली. सब कुछ रिकॉर्ड होगा. इससे गड़बड़ी बंद होगी और सही जगह पैसा लगेगा.
क्या इससे और ज्यादा बसें चल सकेंगी
सरकार को पता चलेगा कि कहां भीड़ ज्यादा है. उसी हिसाब से नई बसें भेजी जा सकेंगी. कम चलने वाले रूट सुधारे जाएंगे. पूरे नेटवर्क की प्लानिंग आसान होगी. इससे सेवा बेहतर बनेगी. यह बदलाव सिर्फ टिकट तक सीमित नहीं है. यह पूरे सिस्टम को डिजिटल बनाने की कोशिश है. भगवंत मान सरकार चाहती है कि आम आदमी को तेज और सुरक्षित सफर मिले. यह कदम पंजाब को आधुनिक परिवहन राज्य बना सकता है.























