पंजाब के लुधियाना से एक अहम खबर सामने आई है। यहां नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक कार्यकर्ता पर हमला किया गया। हमले में वह घायल हो गया। फिलहाल उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। आम आदमी पार्टी के पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू उससे मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ता और उसके परिवार से मुलाकात की। पन्नू ने कहा कि जो लोग नशे के खिलाफ खड़े हैं, सरकार उनके साथ है। उन्होंने घायल कार्यकर्ता के साहस की सराहना भी की।
क्या सरकार ने दिया साथ का भरोसा?
बलतेज पन्नू ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज के लिए लड़ रहे हैं, उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार ऐसे लोगों की सुरक्षा और मदद दोनों सुनिश्चित करेगी। पन्नू ने यह भी कहा कि वह खुद परिवार के संपर्क में रहेंगे। जरूरत पड़ने पर हर मदद दी जाएगी।
क्या भगवंत मान सरकार लड़ रही है जंग?
पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। सरकार की प्राथमिकता राज्य को नशामुक्त बनाना है। इसके लिए कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। सरकार का कहना है कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक नशे का जाल खत्म नहीं हो जाता।
क्या तस्करों को दी गई सख्त चेतावनी?
बलतेज पन्नू ने नशा तस्करों को साफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि तस्कर या तो पंजाब छोड़ दें। नहीं तो सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में कोई समझौता नहीं करेगी। नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है।
क्या ‘नशों के खिलाफ युद्ध’ अभियान तेज?
पन्नू ने कहा कि “नशों के खिलाफ युद्ध” अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। सरकार ने इस अभियान को और तेज कर दिया है। कई जगहों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। इसका मकसद पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है।
क्या बड़ी संख्या में हो रही गिरफ्तारियां?
पंजाब सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ कई कार्रवाई की है। बड़ी संख्या में तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। कई मामलों में उनकी संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी सजा दिलाने की प्रक्रिया भी जारी है। सरकार का कहना है कि कानून के जरिए तस्करों को सख्त संदेश दिया जा रहा है। इससे नशे के नेटवर्क पर असर पड़ा है।
क्या जनता भी इस अभियान में जुड़ी?
बलतेज पन्नू ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान में जनता भी आगे आ रही है। करीब डेढ़ लाख वालंटियर इस अभियान में सक्रिय हैं। ये लोग अलग-अलग इलाकों में जागरूकता फैला रहे हैं। सरकार का मानना है कि समाज की भागीदारी से ही यह लड़ाई जीती जा सकती है। इसलिए लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है। पंजाब को नशामुक्त बनाना ही अंतिम लक्ष्य है।
























