पंजाब में अब महिलाओं की सोच बदलती नजर आ रही है।जो महिलाएं पहले सिर्फ घर तक सीमित रहती थीं अब कारोबार की ओर बढ़ रही हैं।किसी ने अचार और मुरब्बे का काम शुरू किया है।किसी ने सिलाई कढ़ाई को रोज़गार बना लिया है।कई महिलाएं डेयरी के काम में भी आगे आई हैं।इनकी मेहनत की कहानियां अब सरकारी मंच तक पहुंच रही हैं।इसी वजह से महिला उद्यमी पुरस्कार कार्यक्रम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
क्यों मिल रहा कार्यक्रम को बड़ा समर्थन?
जब सरकार ने यह योजना शुरू की थी तब शायद ही किसी ने सोचा था कि इतना बड़ा समर्थन मिलेगा।लेकिन अब तस्वीर अलग है।पंजाब भर की महिलाएं इसमें दिलचस्पी दिखा रही हैं।पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के पोर्टल पर लगातार आवेदन आए हैं।अब तक 28 हजार से ज्यादा महिलाओं ने अपना नाम दर्ज कराया है।यह आंकड़ा बताता है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की राह पर चल रही हैं।और वे अपने काम की पहचान भी चाहती हैं।
कब शुरू हुआ यह सम्मान अभियान?
इस अभियान की शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में की गई।2 मार्च से 6 मार्च तक यह कार्यक्रम राज्य के 117 विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित हुआ।हर क्षेत्र में अलग अलग कार्यक्रम रखे गए।जहां गांव और शहर की महिलाओं को बुलाया गया।उनके काम के बारे में लोगों को बताया गया।और उनकी मेहनत को सम्मान दिया गया।इससे महिलाओं का हौसला पहले से ज्यादा बढ़ गया है।
अब तक कितनी महिलाओं को मिला सम्मान?
अब तक इस कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को सम्मान मिल चुका है।लगभग 11 हजार 700 महिलाओं को विधानसभा स्तर पर सम्मानित किया गया।हर क्षेत्र से करीब 100 महिलाओं का चयन हुआ।ये महिलाएं अलग अलग काम करती हैं।किसी ने घरेलू उद्योग खड़ा किया है।किसी ने छोटा कारोबार शुरू करके परिवार संभाला है।इनकी सफलता की कहानियां अब और महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं।
अगले चरण में कौन पहुंचेगा आगे?
अब कार्यक्रम का अगला चरण जिला स्तर पर होगा।पंजाब के 23 जिलों से चयन किया जाएगा।हर जिले से 100 महिलाओं को चुना जाएगा।इस तरह कुल 2300 महिलाएं अगले दौर में पहुंचेंगी।इस दौरान उनके काम और मेहनत को करीब से देखा जाएगा।उनकी उपलब्धियों के आधार पर चयन होगा।इस वजह से प्रतियोगिता भी काफी दिलचस्प हो गई है।
क्या राज्य स्तर पर होगा बड़ा समारोह?
इस कार्यक्रम का अंतिम चरण 18 मार्च को आयोजित किया जाएगा।इस दिन राज्य स्तर का बड़ा समारोह होगा।पंजाब भर से चुनी गई 100 सर्वश्रेष्ठ महिलाओं को सम्मान मिलेगा।मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद उन्हें पुरस्कार देंगे।हर महिला को 25 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।यह सम्मान उनकी मेहनत की बड़ी पहचान होगा।और दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
क्या बदल रही है पंजाब की सोच?
पंजाब में अब महिलाओं को लेकर सोच बदल रही है।महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहना चाहतीं।वे अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं।छोटे छोटे कारोबार से शुरुआत कर रही हैं।कई महिलाएं अब दूसरी महिलाओं को भी काम दे रही हैं।इससे गांवों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है।इसी वजह से इस अभियान को बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

























