मान सरकार ने पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी है। सरकार मानती है कि सिर्फ डिग्री काफी नहीं है। छात्रों को काम के लायक बनाना जरूरी है। इसी सोच के तहत 11वीं और 12वीं के छात्रों को बिजनेस और मार्केटिंग सिखाई जाएगी। इससे पढ़ाई सीधे रोजगार से जुड़ेगी। युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा। वे भविष्य के लिए तैयार होंगे।
यह योजना छात्रों को कैसे सशक्त बनाएगी?
इस योजना का उद्देश्य छात्रों को नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाना है। छात्रों को उद्यमिता की बुनियादी समझ दी जाएगी। वित्तीय साक्षरता पर भी जोर होगा। सरकार जरूरत पड़ने पर तकनीकी और वित्तीय सहायता देगी। इससे छात्रों में जोखिम उठाने की क्षमता आएगी। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। युवा अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे।
पंजाब युवा उद्यमिता योजना के क्या फायदे हैं?
यह योजना पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति लाएगी। छात्रों को पढ़ाई के साथ कमाई के हुनर सिखाए जाएंगे। शिक्षा बोझ नहीं, अवसर बनेगी। यह योजना भविष्य के स्टार्टअप्स की नींव रखेगी। पंजाब के युवाओं को बाहर जाने की मजबूरी कम होगी। राज्य के अंदर ही अवसर मिलेंगे। यह बदलाव लंबे समय तक असर डालेगा।
स्कूल ऑफ एमिनेंस की क्या भूमिका है?
मान सरकार द्वारा शुरू किए गए स्कूल ऑफ एमिनेंस इस योजना की रीढ़ हैं। यहां कक्षा 9 से 12 तक छात्रों को विशेष प्रशिक्षण मिलता है। जेईई, नीट और सिविल सेवा की मुफ्त तैयारी कराई जाती है। आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन स्कूलों से प्रतिभा को सही दिशा मिल रही है। यह मॉडल पूरे राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ा रहा है।
वर्ल्ड स्किल एक्सीलेंस कॉम्प्लेक्स क्यों अहम है?
अप्रैल 2025 में लुधियाना में वर्ल्ड स्किल एक्सीलेंस कॉम्प्लेक्स शुरू किया गया। यहां आधुनिक आईटीआई और मल्टी स्किल सेंटर हैं। हर साल 3,000 से ज्यादा छात्रों को प्रशिक्षण मिलेगा। उद्योग की जरूरत के अनुसार कोर्स बनाए गए हैं। इससे तकनीकी शिक्षा को नई पहचान मिली है। पंजाब के आईटीआई फिर से मजबूत हो रहे हैं।
नशा मुक्ति में कौशल विकास की क्या भूमिका?
मान सरकार नशे से लड़ने के लिए कौशल को हथियार बना रही है। बेहतर प्रशिक्षण से दाखिले 97 प्रतिशत तक पहुंचे हैं। जुलाई 2025 में नशा विरोधी पाठ्यक्रम शुरू किया गया। इसका लक्ष्य 8 लाख छात्रों तक पहुंचना है। छात्रों को नशे के नुकसान समझाए जा रहे हैं। कौशल के जरिए उन्हें सकारात्मक रास्ता दिखाया जा रहा है।
क्या यह पंजाब के लिए नए युग की शुरुआत है?
मान सरकार की ये पहलें शिक्षा और रोजगार को जोड़ रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। शिक्षा अब सीधे समृद्धि से जुड़ रही है। यह मॉडल पंजाब को नई पहचान दे सकता है। जनता का भरोसा सरकार पर बढ़ रहा है। कई वर्षों बाद शिक्षा क्षेत्र में सचमुच बदलाव दिख रहा है।

























