नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि हरियाणा में बड़े पैमाने पर फर्जी वोट डाले गए। उन्होंने कहा कि करीब 25 लाख वोटों की चोरी हुई है। राहुल ने इस मामले को ‘H-फाइल्स’ नाम दिया। उन्होंने कहा कि 8 में से 1 वोटर फर्जी है। इस बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस में बयानबाज़ी तेज हो गई। मामला टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया।
भाजपा की ओर से पलटवार क्यों?
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी के दावों को फर्जी करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल ने प्रेस में जो प्रेजेंटेशन दिखाया, वह गलत और भ्रामक था। रिजिजू ने कहा कि चुनाव हारने पर कांग्रेस बहाने बनाती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के अपने नेताओं ने हार की असल वजह बताई है। रिजिजू ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस की हार उसकी अपनी अंदरूनी लड़ाई और कमजोर संगठन के कारण हुई। उन्होंने राहुल के आरोपों को झूठ और जनता को गुमराह करने वाला बताया।
राहुल ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा में बड़ी साजिश के तहत फर्जी वोट बनाए गए। उन्होंने एक ब्राज़ीलियन मॉडल की तस्वीर दिखाकर दावा किया कि उसी की फोटो से कई फर्जी पहचान पत्र बनाए गए। उन्होंने कहा कि इस महिला के नाम बदलकर 22 बार वोट डलवाए गए। राहुल ने आरोप लगाया कि यह सब चुनाव आयोग की जानकारी में हुआ। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है। उनकी बातों ने कांग्रेस समर्थकों में गुस्सा और सवाल दोनों खड़े किए।
हरियाणा में कांग्रेस की हालत क्या रही?
रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने खुद स्वीकार किया कि पार्टी के भीतर तालमेल नहीं है। उन्होंने कुमारी शैलजा का बयान याद दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस खुद को ही हरा रही है। एक पूर्व मंत्री ने इस्तीफा देकर भी यही कहा था। प्रदेश अध्यक्ष ने भी संगठन की कमजोरी स्वीकार की थी। ऐसे में, रिजिजू ने पूछा कि जब नेता खुद मान रहे हैं कि हार अंदरूनी थी, फिर ‘वोट चोरी’ का दावा क्यों? उन्होंने कहा कि जनता को भ्रमित करना ठीक नहीं।
राहुल बनाम मीडिया क्यों?
रिजिजू ने कहा कि जब सर्वे कांग्रेस के पक्ष में आते हैं, तब कांग्रेस उसकी तारीफ करती है। लेकिन जब सर्वे भाजपा के पक्ष में आते हैं, तब कांग्रेस मीडिया को गाली देती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जीत और हार दोनों स्वीकार करनी चाहिए। भाजपा ने 2004 में हारने पर भी परिणाम का सम्मान किया था। रिजिजू ने कहा कि चुनाव आयोग पर हमला करना परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राहुल हर बार हार का ठीकरा किसी और पर फोड़ देते हैं।
फर्जी वोट का मॉडल विवाद क्या है?
राहुल ने ब्राजील की मॉडल की फोटो दिखाकर दावा किया कि इससे फर्जी वोट बनाए गए। उन्होंने कहा कि यह चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल है। भाजपा ने कहा कि यह फोटो सिर्फ सोशल मीडिया से उठाई गई और इसका कोई आधिकारिक आधार नहीं। भाजपा ने कहा कि राहुल बिना प्रमाण के बयान देते हैं। इससे जनता में भ्रम होता है। भाजपा ने इसे सस्ती राजनीति बताया। मामले की सच्चाई अभी जांच का विषय है।
अब दोनों पार्टियां एक-दूसरे के आरोपों का जवाब दे रही हैं। राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है। कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से संसद तक ले जाने की तैयारी कर रही है। भाजपा इसे भटकाव और झूठ बता रही है। चुनाव आयोग ने कहा है कि शिकायत मिले तो जांच की जाएगी। जनता यह सब देखकर अपने हिसाब से राय बना रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और तेज होगा।























