दशहरे के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भुज में शस्त्र पूजा के कार्यक्रम में शामिल हुए। वहां उन्होंने साफ कहा कि हिंदुस्तान की सेनाएँ किसी भी समय, किसी भी जगह और जैसा चाहें दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दे सकती हैं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की हालिया हरकतों की नकेल कसते हुए कहा कि जो भी हमारी संप्रभुता पर चुनौती देगा, उसे सख्त जवाब मिलेगा। उन्होंने बताया कि हम अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं और कोई समझौता नहीं करेंगे।
सर क्रीक और कराची का जिक्र
रक्षा मंत्री ने विशेष रूप से सर क्रीक का हवाला दिया और कहा कि कराची तक का मार्ग इसी इलाके से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में किसी तरह की उकसावे वाली हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भारत अपनी पहुंच व सूरत-हाल को अच्छी तरह जानता है।
ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि यह अभियान हमारी सैन्य तैयारियों और जवाब देने की क्षमता का उदाहरण है। जब आवश्यक हुआ, हमारी सेनाओं ने निर्णायक कार्रवाई की और लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया। इसका मतलब यह नहीं कि हम युद्ध चाहते हैं, पर जरूरत पड़ने पर जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे।
मीडिया में प्रसारित तस्वीरों का प्रभाव
उन्होंने मीडिया और सार्वजनिक मंच पर छपी सूचनाओं का भी संदर्भ दिया। यह बात बताने लायक है कि ऐसे बयान और तस्वीरें सुरक्षा नीति और जनमानस पर असर डालती हैं, इसलिए इन्हें संभालकर पेश किया जाना चाहिए ताकि गलतफहमी न फैले।
सीमा पर बढ़ती गतिविधियों की चिंता
राजनाथ सिंह ने कहा कि सर क्रीक और कुछ दूसरी सीमाओं के पास प्रतिद्वंद्वी की गतिविधियाँ बढ़ती दिख रही हैं, जो चिंता की बात है। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने और सीमाओं पर पूरी चौकसी बनाए रखने का आदेश दोहराया।
जनता को भरोसा और अंतिम संदेश
अंत में रक्षा मंत्री ने देशवासियों को आश्वासन दिया कि हमारी सेनाएँ और सीमा बल हर हाल में देश की रखवाली कर रहे हैं। यदि कोई उकसावे वाली हरकत हुई, तो उसे ऐसा जवाब मिलेगा जो इतिहास में दर्ज होगा। उन्होंने शांति की इच्छा जताई, पर कहा कि कमजोरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

























